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बाल गृह बालिका से तीन किशोरियों के भागने पर संचालक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज

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मऊ। सरायलखंसी थाना क्षेत्र के भुजौटी स्थित बाल गृह (बालिका) से बीते बुधवार की भोर में अज्ञात कारणों और तरीके से फरार हुई तीन किशोरियों को तो वाराणसी पुलिस ने दबोच लिया। लेकिन जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बाल गृह संचालक के विरुद्ध सरायलखंसी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। दर्ज मामले में जिला प्रोबेशन अधिकारी समर बहादुर ने बताया कि किशोरियों के भागने के बाद गठित तीन सदस्यीय टीम ने किशोरियों के भागने के पीछे संचालक की लापरवाही पाया है। साथ ही संचालक के विरुद्घ रिपोर्ट दर्ज कराने की संस्तुति की है।
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जिला मुख्यालय पर भुजौटी स्थित बाल गृह (बालिका) में रखी गई 28 किशोरियों में से तीन बुधवार की भोर में गृह से फरार हुई थीं। भागने वाली किशोरियों में दो मऊ तथा एक जौनपुर की थी। साथ ही सभी छह से आठ माह पूर्व बाल गृह में आई थी। तीनों बाल गृह से भाग कर वाराणसी पहुंच गईं। जहां तीनों प्रयागराज जाने की योजना बना रही थीं, तभी पुलिस के हत्थे चढ़ गई। सूत्रों के अनुसार बालिका गृह से तीनों किशोरियां बुधवार की भोर में निकली। हाइवे पर पहुंचकर वो सभी मुर्गासप्लाई करने वाले वाहन पर सवार होकर आजमगढ़ पहुंची। वहां से तीनों वाराणसी पहुंच गई। इधर किशोरियों के भागने से हड़कंप मच गया था। पुलिस फरार किशोरियों के परिवारिजन के संपर्क में आ गई थी। इस दौरान एक किशोरी ने अपने भाई को फोन मिलाया, परिणामस्वरूप उनका पता चल गया। इस आधार पर स्थानीय पुलिस बनारस पुलिस की मदद से तीनों को दबोच ली। इसके बाद तीनों को मऊ लाया गया। पूछताछ करने पर किशोरियों ने बताया कि एक किशोरी के प्रेमी से बात हुई थी। उसी के बुलाने पर वो सभी प्रयागराज जा रही थीं, और उसी के माध्यम से दो अन्य किशोरियां अपने प्रेमियों तक पहुंचने की योजना बनाकर निकली थीं।
इनसेट:
बालिका गृह पर नहीं है पुलिस सुरक्षा
मऊ। भुजौटी स्थित बालिका गृह पर पुलिस की सुरक्षा नहीं है। जिला विधिक सेवाप्राधिकरण की ओर से बालिका गृह का निरीक्षण करने गए सदस्यों को संचालक ने पुलिस सुरक्षा सुलभ कराने की मांग की थी। प्राधिकरण के सचिव सत्यवीर सिंह ने पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर महिला पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखा था। लेकिन उनके पत्र का संज्ञान नहीं लिया गया और बालिका गृह पर पुलिस सुरक्षा नहीं उपलब्ध कराई गई। इस बारे में संचालक संतोष कुमार का कहना है कि यदि केंद्र पर महिला पुलिस की सुरक्षा उपलब्ध करा दी गई होती तो यह घटना नहीं घटती।
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