रतनपुरा ब्लाक के विभिन्न गांवों में सफाई कर्मियों की उदासीन रवैए के चलते नालियां जाम पड़ी हैं। जगह-जगह कूड़ों का अंबार लगा हुआ है। जाम नालियों के साफ न होने से संपर्क मार्गों पर गंदा पानी बह रहा है। जगह-जगह जलजमाव से आना जाना मुश्किल हो रहा है। वहीं मच्छरजनित बीमारियों का प्रकोप बढ़ने से लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं।
विभाग की ओर से न्याय पंचायत स्तर पर 22 सफाई कर्मियों की टोली बनाकर एक गांव में सफाई कराने का प्लान तो बनाया गया है, लेकिन तय तिथि के दिन गांव में नाम मात्र सफाई कर्मी ही पहुंच रहे हैं। इससे गांवों में सफाई जैसे तैसे हो रही है। मंगलवार को अईलख गांव में सफाई होनी थी, 22 की अपेक्षा 10 सफाई कर्मी पहुंचे, कम संख्या देख ग्राम प्रधान भड़क गए।
एडीओ पंचायत को शिकायत दर्ज कराई। एडीओ पंचायत ने रिपोर्ट के आधार पर वेतन रोकने का आदेश दिया ।रतनपुरा ब्लाक क्षेत्र में 77 ग्राम पंचायतें हैं। नगर पंचायतों की तर्ज पर सरकार की ओर से गांवों में सफाई व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त करने के लिए 208 सफाई कर्मियों की तैनाती की गई है। बावजूद विभागीय लापरवाही से गांवों में सफाई व्यवस्था की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है।
प्रत्येक गांव में दो से तीन सफाई कर्मियों की तैनाती की गई है। ग्रामीणों की मानें तो अधिकांश गांवों में सफाई कर्मियों के लंबे समय से दर्शन ही नहीं हो रहे हैं। जबकि सफाईकर्मी हर माह वेतन उठा रहे हैं। सार्वजनिक नालियों के जाम होने से गंदा पानी जगह-जगह जमा होने से आना जाना मुश्किल हो गया है। मच्छरजनित बीमारियों से लोग टाइफाइड, मलेरिया, बुखार सहित विभिन्न संक्रामक बीमारियों से ग्रसित लोग विभिन्न अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं।
विभाग की ओर से न्याय पंचायत स्तर के सभी सफाई कर्मियों की टोली बनाकर प्रत्येक गांव में सफाई करनी है। एक टोली में 22की संख्या में सफाई कर्मी हैं। चार्ट के मुताबिक मंगलवार को अईलख गांव में सफाई करना था। पूर्वाह्न 11 बजे तक 10 ही सफाईकर्मी पहुंचे। ग्राम प्रधान कम सफाई कर्मियों की संख्या देख भड़क गए।
एडीओ पंचायत को शिकायत दर्ज कराया।
क्षेत्र के ग्राम प्रधान संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी रामाश्रय मौर्य, बशीर अहमद, भगवान गुप्ता का कहना है कि गांवों में सफाई कर्मियों की तैनाती तो की गई है, लेकिन ये आते नहीं हैं। इस बाबत एडीओ पंचायत नीरज मिश्रा का कहना है कि न्याय पंचायतवार सफाई कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। अनुपस्थित सफाई कर्मियों का वेतन काट दिया जाएगा।