घोसी विधानसभा सीट पर पांच सितंबर के उपचुनाव के लिए रविवार को प्रचार थम गया। इसके बाद बाहर से आए इन दोनों गठबंधन दलों के नेता भी जिले को छोड़कर लौटते दिखाई दिए।
चुनावी प्रचार को देखें सबसे पहले सपा के राष्ट्रीय अखिलेश यादव ने 29 अगस्त को कोपागंज के बापू इंटर कॉलेज में जनसभा की। दो सितंबर को घोसी मिल मैदान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा-कांग्रेस पर निशाना साधा था।
इस दौरान उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य तीन दिन और उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पांच दिन तक चुनाव प्रचार किया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी छह दिन प्रचार में जुटे रहे। भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल ने भी चुनाव प्रचार किया। सपा के महासचिव शिवपाल यादव ने सात दिन में कई चौपाल तथा बैठकें कीं। सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने भी प्रचार किया।
मंत्रियों ने डाल रखा था डेरा
भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार के लिए कैबिनेट मंत्री एके शर्मा, स्वतंत्र देव सिंह, बेबीरानी मौर्य, धर्मवीर प्रजापति, सूर्यप्रताप शाही, नरेंद्र कश्यप, दयाशंकर सिंह, अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री दानिश आज़ाद, विजय लक्ष्मी गौतम, नंदगोपाल नंदी, रविन्द्र जायसवाल, गिरीश यादव, जेपीएस राठौर, दयाशंकर दयालु और अन्य कई मंत्री रहे। भाजपा के सहयोगी दल सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने 10 दिन जनसंपर्क, चौपाल, छोटी सभाएं कीं।
सपा के प्रत्याशी के पक्ष में भी जुटे रहे दिग्गज
सपा प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार की कमान संभालने वालों में राष्ट्रीय महासचिव राम अचलराजभर, रामगोपाल यादव, विधायक दुर्गा प्रसाद यादव, विधायक अखिलेश यादव, पूर्व मंत्री रामगोविंद चौधरी, पूर्व मंत्री जियाउद्दीन रिजवी, पूर्व विधायक गजाला लारी, काजल निषाद जनसंपर्क करते दिखे। सहयोगी दलों कांग्रेस के जिलाध्यक्ष इंतेखाब, पूर्व प्रदेश सचिव राष्ट्रकुवर सिंह, पूर्व विधायक नसीम अहमद, समाजवादी जनपरिषद के प्रदेश अध्यक्ष बिक्रमा मौर्य, आम आदमी पार्टी के नेता लगे रहे।