ककरिहार गांव में 20वीं वाहिनी के कैंप में हुए विस्फोट की गूंज एक किमी दूर भीटी तक सुनी गई। इससे इलाके में दहशत फैल गई। शहर कोतवाली अंतर्गत ककरिहार गांव में स्थित पृथ्वीराज चौहान महाविद्यालय परिसर में पीएसी का कैंप है। जहां हुए विस्फोट को लेकर कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं। क्योंकि मामूली रूप से घायल हुए पीएसी के जवान अपना नाम भी बताने से कतरा रहे थे। दबे जुबान यह भी बात आई कि जांच हुई तो लापरवाही उजागर हो सकती है।
पीएसी में भर्ती होने के साथ ही आरक्षियों से लेकर अधिकारियों तक को हथियारों की पूरी जानकारी दी जाती है। इनको रिजर्व बल की संज्ञा दी गई है। इसके हर जवान पूर्णरूप से प्रशिक्षित होते हैं। बताते चलें कि मऊ संवेदनशील जिला है। इसकी वजह से जैसे ही त्यौहारों का सीजन शुरू होता है
यहां कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए पीएसी को बुला लिया जाता है। इस क्रम में 20 वीं वाहिनी आजमगढ़ की एक कंपनी (खानसामा को लेकर 92 जवान) पृथ्वीराज चौहान महाविद्यालय में शिविर लगाए थी। बरसात का मौसम होने के कारण जवान मय हथियार कमरे में ही रहते हैं। जिस कमरे में विस्फोट हुआ, वह असलहे वाला कमरा है। इसके बाद भी कमरे में प्रशिक्षण देने की बात किसी को हजम नहीं हुई, जबकि महाविद्यालय का पूरा ग्राउंड खाली था।
हादसे में घायल हुए दो जवान अपना नाम घायलों की सूची में दर्ज कराने से कतरा रहे थे। ऐसे में यह घटना कहीं न कहीं किसी लापरवाही को दर्शाती है। दूसरी तरफ विस्फोटक हल्का था फिर भी उसकी मारक क्षमता 12 फीट से ज्यादा ऊंची विद्यालय की छत पर देखी गई। क्योंकि छत का प्लास्टर उड़ गया था।