तहसील क्षेत्र के सिगाड़ी स्थित एक स्कूल में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन स्वामी ज्ञानानंद ने कथा का रसपान कराते हुए कहा कि परम आराध्य परिपूर्ण, उत्तम ब्रह्म परमात्मा श्रीकृष्ण ऐसे कृपालु हैं कि भागवत कथा श्रवण संकल्प करने में सभी मनुष्य के अंत:करण में आकर विराजमान हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि वह सभी आसुरी ताकतों का स्वयं विनाश कर देते हैं। समस्त विपरीत परिस्थितियों को अनुकूल बना देते हैं। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म के सनातन पुरुष और हर एक मानव स्तनधारी के लिए परमात्मा ही सबसे सच्चा मित्र है। कहा कि श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह और यज्ञ समस्त दुख, दरिद्र, दुर्भाग्य को एक साथ समाप्त कर देता है। बोला कि परमात्मा में जीव जगत को आसुरी वृत्ति से निवृत करके विश्व राष्ट्र को परम सत्य में विशुद्ध करने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि जीवन अवधि के मात्र सात दिन श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह का विलक्षण साधना परमात्मा का एक रहस्य है, जिसे संपूर्ण ब्रह्मांड के सद्गुरु परमात्मा श्रीकृष्ण किसी भी विपत्ति का निवारण करने के लिए तत्पर रहते हैं। कथा के पहले दिन आयोजनकर्ता पंकज सिंह, युवराज और उनकी धर्मपत्नी जूही सिंह ने संकल्प और दीप प्रज्जवलित कर कथा का शुभारंभ किया।