मऊ। अब किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए क्रय केंद्र प्रभारियों का चक्कर काटना नहीं पड़ेगा। शासन ने पारदर्शी व्यवस्था के तहत नई ई टोकन प्रणाली विकसित किया है। किसान स्वयं आनलाइन टोकन जारी करेंगे। टोकन में अंकित तिथि के दिन किसान अपने फसल को बेच सकेंगे। किसानों को गेहूं की फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए जिले में 46 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। पीसीएफ, विपणन, एफसीआई सहित तीन एजेंसियों को खरीद करने की जिम्मेदारी दी गई है। खरीद का लक्ष्य 53 हजार एमटी निर्धारित किया गया है। गेहूं बेचने के लिए किसानों द्वारा आनलाइन पंजीकरण कराने के बाद क्रय केंद्र प्रभारी आफलाइन टोकन जारी करते थे। टोकन के लिए किसानों को क्रय केंद्रों का चक्कर काटना पड़ रहा था। सोशल डिस्टेंसिंग का बहाना बनाकर क्रय केंद्र प्रभारी चहेतों को ही टोकन जारी कर रहे थे। किसानों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए शासन स्तर से पारदर्शी व्यवस्था के तहत नई ई टोकन प्रणाली विकसित किया गया है। नई व्यवस्था के तहत किसान गेहूूूं बेचने के लिए अब स्वयं आनलाइन टोकन जारी करेंगे।गेहूं खरीद में किसान आनलाइन पंजीकरण कराने केबाद स्टेप सात में किसान क्रय केंद्र पर जाने की तिथि टोकन पर अंकित करेंगे। तय तिथि पर किसान अपनी फसल को बेच सकेंगे। नई व्यवस्था के तहत क्रय केंद्र प्रभारियों की जी हुजूरी नहीं करनी पड़ेगी। बढुआगोदाम क्षेत्र के रामनारायण यादव, श्रीराम प्रसाद, जयप्रकाश सिंह का कहना है कि नई ई टोकन प्रणाली विकसित होने से क्रय केंद्र प्रभारियों की मनमानी पर अंकुश लग सकेगा। किसानों को बेवजह क्रय केंद्रों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। जिला खाद्य विपणन अधिकारी वीके सिन्हा का कहना है कि पारदर्शी प्रणाली व्यवस्था ई टोकन प्रणाली विकसित की गई है। किसान आनलाइन पंजीकरण कराने के बाद स्टेप सात में स्वयं आनलाइन टोकन जारी कर सकते हैं।