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नगर-चौराहों पर जली होलिका

Sun, 12 Mar 2017 08:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मऊ
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रंगों का त्यौहार होली की खुमारी एक दिन पूर्व ही लोगों के सिर चढ़ कर बोलती दिखी। शहर और गावों के चौराहों और गली नुक्कड़ों पर हुड़दंगियों की बदस्तूर जारी रही। बच्चों से लेकर बूढ़े तक सभी होली के रंग में रंगे दिखे। बच्चों और किशोरों में तो होली का उत्साह कुछ ज्यादा ही देखा गया। लोगों ने एक दूसरे को रंगों और गुलाल से सराबोर कर दिया। लोगों ने होली की पूर्व संध्या पर कपड़ों, रंगों और खाने पीने के तमाम सामानों की खरीदारी की। बुराइयों के अंत के लिए होलिका जलाने की परंपरा के तहत अच्छाई की जीत की खुुशी के इजहार के तौर जोगीरे और होली गीत जैसे पांरपरिक गीतों की प्रस्तुति के साथ ही एक दूसरे को रंगों से सराबोर कर दिया। अंत में नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों के1246 स्थानों पर विधि विधान से होलिका दहन किया गया। होलिका जलते ही गली और चौराहों पर हर उम्र के लोग होली के जोश में रंग खेलते नजर आए। इस अवसर पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।     
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  होली की पूर्व संध्या पर पूरे दिन शहर, कस्बों, प्रमुख बाजारों सहित चट्टी चौराहों पर खासी चहल-पहल रही। अधिकांश भीड़ खाने पीने कपड़ों, रंग गुलाल और किरानों की दुकानों पर देखी गई। जहां बच्चों, बूढ़ों और जवान महिलाओं को सभी प्रकार के सामानों की खरीददारी करने में व्यस्त देखा गया।  सामानों के दामों में खास बढ़ोत्तरी न होने से लोगों में उत्साह दिख रहा था। रंग सुपर लाल रंग 30 रुपये प्रति10 ग्राम, अबीर 80 रुपया प्रति किग्रा तक बिक रहा था।सुगंध युक्त गुलाल के खरीददार ज्यादा दिखे। लूज अबीर और गुलाल तो बिक ही रहा था। लेकिन पैकेट वाले चमकदार और गहरे हरे, पीले और नीले रंग के गुलाल के  खरीदार कुछ ज्यादा ही थे। उधर घरों में गृहिणियां  तरह तरह  के मिष्ठान, पकवान, नमकीन, गुझिया और पापड़ आदि बनाने में जुटी हुई देखी गईं। बच्चे सुबह से ही हमजोलियों के साथ हंसी ठिठोली और गुलछर्रे उड़ाने में मशगूल दिखे। शहर के चौराहों और नुक्कड़ों पर किशोर और युवा डीजे पर थिरकते हुए मस्ती कर रहे थे। दोस्त मित्रों को एक दूसरे के चेहरों और गालों को रंगों से पोतते देखा गया। शराब की बिक्री पर प्रतिबंध के बावजूद लोगों को शराब के नशे में मदहोश होली के फूहड़ गीतों को गाते झूमते एक दूसरे को रंग पोतते देखा जा रहा था। उधर होली रंगों के पर्व होली की पूर्व संध्या पर जिले के गाढ़ा, रतनपुरा, मुबारकपुर, दतौड़ा, बीबीपुर, सिधवल, खालिसपुर, मुस्तफाबाद, मड़ैली, सेहबरपुर सहित विभिन्न इलाकों में लोगों ने जमकर खरीदारी की। साथ ही होलिका जलाकर बुराइयों का अंत कर  अच्छाइयों के जीत की खुशी के  इजहार में  जोगीरे और अन्य पारंपरिक गीत गाकर  एक दूसरे को रंग भी पोता। पिपरीडीह संवाददाता के अनुसार  रंगों के पर्व होली की पूर्व संध्या पर कपड़ों, रंगों और खाने पीने की अन्य तमाम  सामानों की जमकर खरीदारी की। साथ ही होलिका जलाकर बुराइयों का अंत कर  अच्छाइयों के जीत की खुशी के  इजहार में जोगीरे और अन्य पारंपरिक गीत गाकर  एक दूसरे को रंग भी पोता।  गली कूचों में झुंड बनाए खड़े होकर बच्चे और  युवा राहगीरों को रंग पोत रहे थे। वहीं गृहणियां होली के एक दिन पूर्व ही  घरों में तरह-तरह के पकवान बनाने में जुट गई थीं। होलिका जलते ही गली और  चौराहों पर उम्र के लोग होली के जोश में रंग खेलते नजर आए।
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