जिला अनुश्रवण समिति की मंगलवार को हुई बैठक में परिषदीय विद्यालयों के ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तारों को लेकर शिक्षा विभाग और विद्युत निगम के आंकड़ों में विरोधाभास सामने आया।
बेसिक शिक्षा विभाग ने 43 विद्यालयों से हाईटेंशन तार न हटाए जाने की जानकारी दी, जबकि विद्युत निगम के अनुसार केवल तीन विद्यालयों में ही तार हटाने की कार्रवाई बाकी है।
दोनों विभागों के अलग-अलग दावों के बाद जिलाधिकारी ने मामले का स्थलीय सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं।
कैंप कार्यालय स्थित सभागार में हुई बैठक में स्कूल चलो अभियान 2026-27, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में नामांकन, आरटीई के तहत प्रवेश, विद्यालयों में विद्युत व्यवस्था, निर्माण कार्य, डिजिटल उपस्थिति, विद्यालय निरीक्षण, किचन गार्डन और डीबीटी समेत विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई।
विद्यालयों के ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तारों की समीक्षा के दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार उपाध्याय ने बताया कि एबीएसए से मिली रिपोर्ट के अनुसार 43 परिषदीय विद्यालयों के ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तार अभी नहीं हटाए गए हैं। वहीं, विद्युत निगम के अधिकारियों ने बताया कि केवल तीन विद्यालयों में तार हटाने की कार्रवाई शेष है। दोनों विभागों के आंकड़ों में अंतर मिलने पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता विद्युत और बीएसए को उपलब्ध सूचियों का संयुक्त रूप से स्थलीय सत्यापन करने के निर्देश दिए। सभी विद्यालयों में विद्युत कनेक्शन की स्थिति की जांच कर समस्या का शत-प्रतिशत समाधान सुनिश्चित करने को कहा।