जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी त्रिपाठी ने गुरुवार को मुहम्मदाबाद गोहना शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय नगरीपार के साथ उच्च व प्राथमिक विद्यालय बंदीकला का औचक निरीक्षण किया। बंदिकला के प्राथमिक विद्यालय में बीएसए ने निरीक्षण के दौरान बच्चों को हैंड्सअप कहने पर बच्चे बैठ गए। जिससे बीएसए असंतुष्ट हुए। बीएसए ने प्रधानाध्यापक व सहायकों को गुणवत्ता ठीक करने के एक माह का समय दिया।
बीएसए ने तीनों विद्यालयों में खुद ही शिक्षक की भूमिका का निर्वहन करते हुए सुबह 10 बजे से शाम 3 बजे तक शिक्षण कार्य किया। निरीक्षण के क्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी त्रिपाठी ने गुरुवार को मुहम्मदाबाद गोहना क्षेत्र के विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया।
सबसे पहले नगरीपार स्थित प्राथमिक विद्यालय में पहुंचे तो सभी बच्चे अंग्रेजी में हस्ताक्षर करते हुए मिले। बीएसए ने प्रधानाध्यापक स्वतंत्र श्रीवास्तव के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें प्रशस्ति पत्र दिया।
इसी क्रम बीएसए ने उच्च व प्राथमिक विद्यालय बंदी कला का भी निरीक्षण किया। यहां की शिक्षा गुणवत्ता पर नाराजगी जताया। यहां कक्षा छह, सात, आठ में बच्चों से अंग्रेजी में दिन, संस्कृत में अनुवाद आदि पूछा।
कुछ बच्चों ने ही उत्तर दिया जिस पर नाराज बीएसए ने सुधार करने हेतु एक माह का समय दिया। इसी क्रम में उसी प्रांगण में स्थित प्राथमिक विद्यालय बंदी कला का भी निरीक्षण किया वहां पर भी शैक्षिक गुणवत्ता निम्न स्तर की पायी गयी।
कक्षा 3 में जाते ही ‘गुड आफ्टर नून’ बोला तो बच्चो ने अपना हाथ खड़ा कर दिया। इसी प्रकार ‘हैंड्सअप’ कहने पर बच्चे बैठ गये। जिससे बीएसए काफी असंतुष्ट हुए। दोनों विद्यालयों के प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापकों को गुणवत्ता सुधारने के लिए एक माह का समय दिया।
इस अवसर पर जिला समन्वयक गजेंद्र सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी चंद्रभूषण पांडे एबीआरसी धनंजय सिंह, एबीआरसी संजय तिवारी , एबीआरसी शैलेन्द्र सिंह सिसौदिया़,और आदि उपस्थित रहे।