परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक पदों पर तैनात शिक्षामित्रों ने मंगलवार को बीएसए दफ्तर पर तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन किया। तालांबदी की सूचना पर एसडीएम सदर मौके पर पहुंचे।
उन्होंने बीएसए और आंदोलित शिक्षामित्रों के प्रतिनिधियों से वार्ता की। उनके हस्तक्षेप के बाद तीन दिनों के भीतर वेतन भुगतान का आश्वासन दिया गया। इसके बाद ही शिक्षामित्र माने।
चेतावनी दी कि यदि 19 तक वेतन भुगतान नहीं किया गया तो 20 दिसंबर से फिर धरना प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
पांच महीनों से वेतन पाने की बाट जोह रहे शिक्षामित्र सैकड़ों की संख्या में मंगलवार को बीएसए कार्यालय पर एकत्र हुए। इन लोगों ने बीएसए आफिस के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया और बाहर धरना पर बैठ गए।
शिक्षामित्रों की मांग थी कि शैक्षिक प्रमाण पत्रों की सत्यापन रिपोर्ट की सूची बीएसए कार्यालय पर चस्पा की जाए, जिससे सभी शिक्षामित्रों को जानकारी हो सके।
आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राम कवल यादव ने कहा कि शिक्षामित्रों का समायोजन परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में अगस्त में ही समायोजित किया गया है।
प्रमुख सचिव का स्पष्ट आदेश भी है कि शिक्षामित्रों को इंटरमीडिएट तक के शैक्षिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन रिपोर्ट मिल जाने के बाद भी उनका वेतन भुगतान कर दिया जाए
लेकिन प्रमुख सचिव के आदेश के बाद भी बीएसए शिक्षामित्रों को वेतन नहीं दे रहे हैं। जबकि 737 में से 450 शिक्षामित्रों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों क ी सत्यान रिपोर्ट भी बीएसए को डायट प्राचार्य के माध्यम से दी जा चुकी है।
कहा कि बीएसए की उपेक्षा के चलते ही वे लोग तालाबंदी जैसा कठोर कदम उठाने पर विवश हुए हैं। बीएसए आफिस पर तालाबंदी की सूचना मिलते ही डीएम चंद्रकांत पांडेय
ने एसडीएम सदर जगदंबा सिंह को मौके पर भेजा। एसडीएम ने बीएसए और आंदोलित शिक्षकों के प्रतिनिधियों से वार्ता की।
वार्ता के बाद एसडीएम ने आश्वासन दिया कि तीन दिनों के अंदर दिसंबर का वेतन शिक्षकों के खातों में भेज दिया जाएगा। इसके बाद शिक्षा मित्रों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया।
एसोसिएशन के अध्यक्ष ने बताया कि यदि बीएसए द्वारा शिक्षा मित्रों क ो 19 दिसंबर तक वेतन नहंी दिया गया तो 20 दिसंबर से पुन: एसोसिएशन आंदोलन के लिए विवश होगी।