विश्व जनसंख्या दिवस पर जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा मनाया गया। हिंदी भवन सभागार में शनिवार को आयोजित समारोह में विचारकों ने कहा कि योजना को सही से अमली जामा नहीं पहनाए जाने से नियोजन के प्रति लोग जागरूक नहीं हैं। योजना को लोगों तक पहुंचाना होगा।
पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष अरशद जमाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि परिवार नियोजन की अवधारणा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए अपेक्षित कार्य नहीं हो रहे। हमें पूरे मनोयोग से जुट जाने की आवश्यकता है। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. नंदलाल यादव ने कहा कि पखवाड़े के दौरान विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम जैसे ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों की बैठक,हेल्दी बेबी शो का आयोजन, एनसीसी कैडेटों की रैली आदि का आयोजन किया जाएगा। जिला कार्यक्रम प्रबंधक राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन रविंद्र नाथ ने खुशहाल परिवार का मंतर, दो बच्चों में तीन साल का अंतर पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लड़के व लड़कियों की शादी निर्धारित समय से करें। दो बच्चों के जन्म से कम से कम तीन साल का अंतर रखें। स्त्री व पुरुष परिवार नियोजन के साधनों को अपनाएं। इससे जनसंख्या वृद्धि पर प्रभावी नियंत्रण के साथ -साथ बहुत सी बीमारियों से भी बचा जा सकता है। कार्यक्रम को अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. वृज कुमार, डीसीपीएम संतोष कुमार सिंह, जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी हरविंश यादव, डा. जे लाल आदि ने संबोधित किया। उधर, दोहरीघाट में विश्व जनसंख्या दिवस पर कस्बा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सभागार में जनसंख्या दिवस मनाया गया। स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी श्रवण कुमार ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण खुशहाल परिवार का मंत्र है। इस दौरान प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. आरके झा, चंद्रमा राय, डा. मनीषा अग्रवाल आदि शामिल थे।