इंदारा। कोपागंज ब्लॉक के महुआर गांव के पवहारी जी महाराज मंदिर परिसर में रविवार को महाराणा प्रताप की लगी प्रतिमा का अनावरण करते हुए पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि न अयोध्या पराजित हुई और न ही चित्तौड़।
वह कार्यक्रम में बतौर मुख्य मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शायराना अंदाज में अपनी बात पूरी की। कहा- हम कौन थे क्या हो गए और क्या होंगे अभी, आओ मिलकर विचारें ये समस्याएं सभी। हमें इतिहास अपना प्राप्त पूरा है नहीं, फिर भी कौन थे ये भी अधूरा है। महाराणा प्रताप के वंशज हैं। यानि उनकी जड़ अयोध्या है। न अयोध्या पराजित हुआ न ही चित्तौड़ हारा। हम लोग राजनीति में हैं। पहले हम लोग के पास मामला आता था कि हमारा झगड़ा गांव के किसी आदमी से है, लेकिन आज मसला आता है कि हमारा झगड़ा हमारे भाई और माता-पिता से है। यह परिस्थिति नहीं आनी चाहिए।
उन्होंने भगवान राम को आदर्श मानने हुए कहा कि दशरथ राम को राजा बनाना चाहते थे, लेकिन कैकेयी के वरदान में उन्हें वन जाना पड़ा। भगवान राम ने कोई पंचायत नहीं बुलाई। अगर राम वन नहीं जाते तो वह भगवान राम नहीं बन पाते। रावण से युद्ध के लिए भगवान राम ने किसी को संदेशा नहीं भेजा। किसी भी राजा से मदद नहीं ली। जो भी वहां मौजूद रहे उन्हीं की मदद ली और लंका विजय किए। एमएलसी देवेंद्र सिंह ने कहा कि मुख्य अतिथि एक नए भारत के निर्माण में समाज को जगाने निकले हैं।
करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीर प्रताप सिंह वीरू ने कहा कि जो मऊ के लोगों ने जो यह मुहिम शुरू की है। पूर्वांचल के हर एक चट्टी चौराहे पर महापुरुषों जो किसी भी समाज से आते हों, इनकी प्रतिमा लगनी चाहिए। महापुरुषों की कोई जाति नहीं होती है। कोई मत नहीं होता है। महापुरुषों ने जो देश के लिए किया है। हमको उसको नमन करते हैं। सभा को घोसी विधायक सुधाकर सिंह, मधुबन विधायक रामबिलास चौहान, पूर्व मंत्री राजधारी सिंह ने संबोधित किया। इस अवसर पर डाॅ. संजय सिंह, विक्रांत सिंह, सुजीत सिंह, बांसडीह विधायक केतकी सिंह, भाजपा की पूर्व जिलाध्यक्ष नुपूर अग्रवाल, दिवाकर मिश्रा, अनूप सिंह, शशि सिंह, अभिमन्यु सिंह मोनू, आशीष सिंह, रितेश सिंह आदि शामिल थे।
महुआर गांव में महाराणा प्रताप की प्रतिमा का हुआ अनावरण
महुआर गांव में महाराणा प्रताप की प्रतिमा का हुआ अनावरण