मऊ। शिक्षा सत्र का 190 दिन बीत गया, लेकिन जिले के परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को सभी विषयों की नि:शुल्क किताबें नहीं मिल सकी हैं। जबकि पांच सितंबर तक इनकी आपूर्ति होनी थी। जिले में 1208 परिषदीय विद्यालय, 94 सहायता प्राप्त विद्यालय, समाज कल्याण से 56 विद्यालयों में 1.80 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। शासन की तरफ से कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को नि:शुल्क किताबें उपलब्ध कराई जाती हैं। शिक्षा सत्र का 190 दिन बीत गया है, लेकिन अभी तक किताबें बच्चों तक नहीं पहुंच पाई हैं। जिले में 1409294 किताबों की आपूर्ति होनी है। लेकिन अभी तक 13 लाख किताबें ही मिल सकी हैं। किताबों की आपूर्ति की तय समय सीमा पांच सितंबर को ही समाप्त हो गई है। विभाग हर हफ्ते देर से मिलने वाली किताबों के भुगतान में से एक फीसदी राशि की कटौती करेगा। बढुआगोदाम : क्षेत्र के कहिनौर, बढुआगोदाम, बहरीपुर, नसीरपुर सहित सहित विभिन्न इलाकों के परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को पाठ्यपुस्तकें नहीं मिली हैं। अभिभावक रामदरश प्रसाद, महेंद्र कुमार, सुरेंद्र नाथ का कहना है कि बच्चों को शत प्रतिशत पाठ्यपुस्तकों का वितरण नहीं हो पाया है। पाठ्यपुस्तकों के अभाव में बच्चे पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। बीएसए डॉ. संतोष कुमार सिंह ने बताया कि 13 लाख किताबों का वितरण विद्यालयों में करा दिया गया है। किताबों की खेप आ रही है। खंड शिक्षा अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है।