मऊ जंक्शन के वाशिंग पीट यार्ड में खड़ी ट्रेन की खिड़की पर बंधे फंदे से शनिवार सुबह बलिराम यादव (32) का शव लटका मिला। शव के पास एक छोटा सा बैग पड़ा था, जिसमें युवक के कपड़े थे। बैग में पहचान पत्र नहीं होने के कारण शव की पहचान करने में छह घंटे लग गए।
मऊ कोतवाली पुलिस और मऊ जीआरपी थाना के बीच सीमा विवाद के चलते करीब तीन घंटे तक शव वहीं लटका रहा। सीमा निर्धारित होने के बाद जीआरपी ने शव को वहां से उतारा और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
शव की पहचान के लिए जीआरपी ने जिले के सभी थानों से संपर्क किया। दोपहर बाद घोसी कोतवाली के बनाफा सुल्तानपुर गांव से कुछ लोग आए और शव की पहचान की। मऊ जंक्शन पहुंचे बलिराम यादव के भाई ने बताया कि पत्नी से विवाद के बाद वह बीते 15 जुलाई को घर से निकले थे।
एक दिन बाद ही उनका फोन बंद हो गया था, जिससे उनसे बात नहीं हो पा रही थी। जीआरपी थानाध्यक्ष संतोष कुमार ने बताया कि शव फंदे से लटक रहा था, जिसे देखकर प्रथम दृष्टया आत्महत्या लग रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सही कारण पता चल सकेगा।
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शव रेलवे परिसर स्थित यार्ड में खड़ी ट्रेन की खिड़की से लटका था, जो स्पष्ट है कि जीआरपी थाना का क्षेत्र है। इसमें सीमा विवाद जैसा कुछ नहीं था। -नीतेश प्रताप सिंह, सीओ सिटी, मऊ