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UP: चार दिन और छह किमी, सगी बहनों की मिली लाशें, एक के तो सिर्फ पैर ही मिले; भाई को बचाने में डूबीं थीं दोनों

Sun, 28 Jun 2026 12:40 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, मऊ

सार

यूपी के मऊ जिले में तीन दिन बाद छह किलोमीटर दूर सगी बहनों के शव मिले हैं। एक के सिर्फ पैर मिले हैं। घड़ियालों के खाने की आशंका जताई गई है। दोनों बहनों की भाई को बचाने के चक्कर में जान गई है।
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दोनों बहनों की लाश मिली - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के मधुबन थाना इलाके के गजियापुर में बृहस्पतिवार को स्नान के दौरान भाई को बचाने में डूबीं दोनों बहनों प्रियांशु और प्रतिज्ञा के शव तीन दिन बाद बरामद किए गए।
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शव छह किमी दूर बलिया के उभांव थाना क्षेत्र के मठिया गुलौरा गांव के शिव स्थान के पास मिले। पुलिस को छोटी बहन प्रतिज्ञा की टी-शर्ट से उसकी पहचान हुई। वहीं बड़ी बहन का शव क्षत-विक्षत अवस्था में केवल दोनों पैरों के अवशेष के रूप में मिला।

पुलिस ने आशंका जताई है कि नदी में घड़ियालों की मौजूदगी है। वे शव के बाकी हिस्से क्षतिग्रस्त कर दिए होंगे या उन्हें खा लिया होगा। तीन दिन से दोनों बहनों की तलाश में गोरखपुर की 15 सदस्यीय एसडीआरएफ और पीएसी 20वीं बटालियन फ्लड (आजमगढ़) की टीम लगातार सर्च अभियान में जुटी थी।
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सीओ मधुबन दिनेशदत्त मिश्रा ने बताया कि गजियापुर निवासी किसान रामविलास यादव का परिवार एकादशी पर्व पर सुबह करीब 10 बजे सरयू नदी में स्नान करने गया था। उनके साथ पत्नी, दो पुत्रियां, एक पुत्र, भाई का परिवार तथा गांव की अन्य महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे।

भाई को बचाने में डूबीं दोनों बहनें
स्नान के दौरान रामविलास का बेटा निर्भय अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। इस पर बड़ी बहन प्रियांशु ने उसे बचाने के लिए नदी में छलांग लगाई और उसे धक्का देकर सुरक्षित कर दिया, लेकिन वह स्वयं तेज बहाव में फंसकर डूबने लगी।

 

बहन को संकट में देख छोटी बहन प्रतिज्ञा भी उसे बचाने के लिए नदी में उतर गई, लेकिन वह भी गहरे पानी में समा गई। सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए तथा अपने स्तर से तलाश शुरू कर दी। कई घंटों तक खोजबीन के बावजूद दोनों का कोई पता नहीं चल सका।

इसके बाद गोरखपुर की एसडीआरएफ टीम और आजमगढ़ की पीएसी 20वीं बटालियन फ्लड टीम द्वारा लगातार दो स्टीमरों से सर्च ऑपरेशन चलाया गया।

तीन दिन से नहीं जला चूल्हा, प्रियांशु ने दी थी पुलिस भर्ती के लिए परीक्षा
प्रियांशु बड़ी लड़की थी, जिसने इसी जून में आजमगढ़ में पुलिस भर्ती प्रवेश परीक्षा दी थी। जिस दिन वह अपने भाई को बचाने में नदी में डूबी, उससे दो दिन पहले उसने अपने पिता से कहा था कि यदि पिछली तैयारी से 10 नंबर और बढ़ जाते तो उसका पुलिस में चयन हो जाता। प्रियांशु बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा थी, जो ऋषि राम नरेश पीजी कॉलेज, मोलनापुर में अध्ययनरत थी। 

 

घटना के दिन रामविलास यादव के घर का चूल्हा नहीं जला था। हालांकि पड़ोसी ग्राम प्रधान चंद्रभान यादव के यहां से भोजन पहुंचाया गया। बार-बार कहने पर भी वे कभी एक या दो रोटी ही ले रहे थे। आर्थिक रूप से रामविलास बेहद जरूरतमंद हैं। उनके पास देवरांचल में जो खेत है, उससे वे केवल एक फसल ही ले पाते हैं। घर में छोटी बहन कक्षा आठवीं में पढ़ रही है। 

जुलाई 2025 में भी डूबी थीं दो बहनें
मधुबन थाना क्षेत्र में यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 25 जुलाई 2025 को भी ऐसी ही घटना हुई थी। मधुबन थाना क्षेत्र के बिंदटोलिया गांव निवासी सत्यम भारती (18) अपनी छोटी बहन गुंजन तथा ममेरी बहन अनिता के साथ घाघरा नदी के तट पर पहुंचे थे।
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नदी किनारे खड़े होने के दौरान अचानक कटान होने से तीनों नदी में गिर गए। इस दौरान सत्यम को वहां मौजूद लोगों ने तैरकर बाहर निकाल लिया, लेकिन गुंजन और अनिता तेज बहाव में बह गए। तीन दिन बाद उनके शव तीन से चार किमी दूर मिले थे।
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