नगर के सहातदपुरा में एक अस्पताल के बाहर फेंका गया मेडिकल वेस्ट।संवाद
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मऊ। नगर के कई निजी अस्पताल बॉयो मेडिकल वेस्ट मेटेरियल (कचरा) खुले में फेंककर लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। जबकि विभाग ने 36 अस्पतालों को नोटिस भी जारी किया है। लेकिन इसे दरकिनार कर आबादी के बीच कचरा फेंकने का सिलसिला जारी है। ऐसे में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा पैदा हो गया है। इसे लेकर न तो स्वास्थ्य विभाग और न ही साफ सफाई व्यवस्था संभालने वाली नगर पालिका के जिम्मेदार गंभीरता दिखा रहे हैं। इनकी उदासीनता शहरवासियों पर भारी पड़ रही है। नियमानुसार शासन ने बॉयो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए सभी चिकित्सा इकाइयों को प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड में पंजीयन कराकर एनओसी लेना अनिवार्य कर दिया है। लेकिन स्वास्थ्य महकमा इसको लेकर सख्ती नहीं दिखा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद जिले में बायामेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट 2016 का संशोधित अधिनियम 2018 को सख्ती से लागू किया जा रहा है। अधिनियम के तहत अगर किसी अस्पताल में खुले में सीरिंज, पट्टी सहित दूसरे मेडिकल वेस्ट खुले में पड़े मिले तो संबंधित अस्पताल के डाक्टर तथा पैरामेडिकल स्टाफ पर कार्रवाई की जा सकती है। इसके तहत अस्पतालों में खुले में मेडिकल कचरा डंप होने से रोकने के लिए हॉस्पिटल प्रबंधन कमेटी बनाई गई। बावजूद मंगलवार को नगर के सहादतपुरा स्थित एक अस्पताल का बायो मेडिकल वेस्ट एक खाली प्लाट में डंप दिखा। यहीं स्थिति जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बने कई अस्पतालों की भी है। यहां भी अस्पताल वाले बेखौफ हो कर मेडिकल कचरा धड़ल्ले से खुले में फेंक रहे हैं। सीएमओ डॉ. एसएन दुबे ने बताया कि जिले के 36 अस्पतालों को इसके लिए नोटिस जारी किया जा चुका है। अस्पताल प्रबंधनों को इनका निपटारा करने का निर्देश दिया गया है। जबकि नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि इस समस्या को लेकर जल्द ही अभियान चलाया जाएगा। जिन संस्थानों के बाहर बायोमेडिकल वेस्ट डंप मिलेगा उसे नोटिस देने के साथ जुर्माना वसूला जाएगा।