दोहरीघाट। घाघरा नदी के जलस्तर में एकाएक 23 सेमी की वृद्धि से कस्बा सहित तटवर्ती इलाकों में बेचैनी बढ़ गई है। शवदाह घाट से लेकर खाकी बाबा की कुटी तक 190 मी तक नदी बैकरोलिंग कर रही है। नदी से तेज आवाज उठ रही है। जिससे लोग दहशत में है। शमशान घाट से लेकर खाकी बाबा की कुटी तक नदी का दबाव बढता जा रहा है। नदी के रौद्र रुप से कस्बा के ऐतिहासिक धरोहरों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।
घाघरा खतरे के निशान से 37 सेमी ऊपर बह रही है। घाघरा प्रति घंटे एक सेमी की रफ्तार से बढ रही है। नदी 24 घंटे में 24 सेमी बढी वैसे ही नगर सहित तटवर्ती इलाकों के लोगों की नींद उड़ गई है।नदी के बढने से नगर की ऐतिहासिक धरोहरे मुक्तिधाम, दुर्गा मंदिर, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला, डीह बाबा का मंदिर, शाही मस्जिद, खाकी बाबा की कुटी तथा हनुमान मन्दिर एक बार पुन: खतरे के जद में आ गए हैं।भारत माता मंदिर तथा शमशान घाट पर घाघरा की लहरे टक्कर मार रही है। जिससे इन स्थलों पर खतरा बढता जा रहा है।शवदाह घाट से लेकर खाकी बाबा की कुटी तक 190 मी तक नदी बैक रोलिंग कर रही है नदी से तेज आवाजे उठ रही है जिससे लोग दहशत में है।
शमशान घाट से लेकर खाकी बाबा की कुटी तक नदी का दबाव बढता जा रहा है।नदी के एकाएक 23 सेमी बढने से तटवर्ती इलाके के बंधे तक पानी पहुंच कर टक्कर मार रहा है। जिससे बंधों पर खतरा बढ गया है। नदी के बढने से तटवर्ती इलाकों के गांवों धनौली रामपुर, नईबाजार ,नवली, चिऊटीडाड़, पतनई, बहादुरपुर , सरया, ठाकुरगॉव ,गोधनी, बीबीपुर ताहिरपुर, गौरीडीह, जमीरा चौराडीह, बेलौली, पाऊस, कोरौली, चंद्राबारी, ठिकरहिया, महुआबारी, रसुलपुर, सुरजपुर आदि गांवों की हजारो एकड फसल डूब गई है। फसलों के डूबने से किसानों को मेहनत कमाई के डूबने की चिंता सताने लगी है। नगर के तीन मुहल्ले मल्लाह टोला, भगवानपुरा तथा दलित बस्ती में कभी भी पानी घुस सकता है।गौरी शंकर घाट पर सोमवार को घाघरा का जलस्तर 70.27 मीटर रहा।रविवार को 70.04 मीटर था। जबकि खतरे का निशान 69.90 मीटर है।
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पानी के घेरे में आए दर्जनों पुरवे
दुबारी। घाघरा जलस्तर में वृद्धि तेज होने के कारण दर्जनों पूरवे पानी के घेरे में आ गए हैं। देवारा में कटान तेज हो गई है। कटान पीडित किसान नदी के रौद्र रुप को देखकर अपने खेत में गड़े हैंडपंप उखाड़ कर घर ला रहे हैं या अपनी मड़इयों से अपने समान सुरक्षित स्थान पर ला रहे हैं। उधर बिन्टोलिया से नई बस्ती तक मार्ग पानी में डूब गया है। उसी मार्ग की पुलिया दब गई है जिससे आना जाना बंद हो गया है। सुग्गीचौरी से बरहज घाट मार्ग पर डबल पुलिया क्षतिग्रस्त होने कारण गैैर जनपद देवरिया का आगमन ठप हो गया है।उधर गजियापुर और परसिया दोनों गांव का देवारा संपर्क मार्ग पानी डूब गया है। दर्जनों पुरवों के लोगों को नाव की सख्त जरूरत है लेकिन मांग के बावजूद प्रशासन द्वारा नाव की व्यवस्था उपलब्ध नहीं हो सकी है।