फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

500 वर्षों की अनूठी परंपरा: मऊ का ऐतिहासिक भरत मिलाप, गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल

विज्ञापन
नगर ​स्थित शाही कटरा मैदान,जहां पर भरत मिलाप का होगा मंचन। संवाद
विज्ञापन
मऊ। रामलीला आयोजनों के दौरान शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस व प्रशासन को हमेशा मुस्तैद रहना पड़ता है। लेकिन जब बात उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के ऐतिहासिक ''''''''भरत मिलाप'''''''' की आती है, तो सुरक्षा और सतर्कता कई गुना बढ़ा दी जाती है। पूर्वांचल के सबसे प्रमुख और संवेदनशील सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शुमार मऊ का भरत मिलाप लगभग 500 वर्षों से गंगा-जमुनी तहज़ीब की अनुपम मिसाल बना हुआ है। 21 अक्तूबर की रात से शुरू होने वाला यह आयोजन 22 अक्तूबर की सुबह को संपन्न होता है। इसको देखने के लिए आस्था का सैलाब उमड़ता है।
विज्ञापन

इतिहासकारों और स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस ऐतिहासिक भरत मिलाप परंपरा की शुरुआत मुग़ल बादशाह औरंगज़ेब की पुत्री जहांआरा के काल में हुई थी। तब से लेकर आज तक हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग मिलकर इस परंपरा को निभाते आ रहे हैं। आधुनिक दौर में भी यह परंपरा पूरे उत्साह और भव्यता के साथ जीवित है, जिसे देखने के लिए पूर्वांचल के कई जिलों से हजारों श्रद्धालु यहां जुटते हैं।
आयोजन की शुरुआत नगर के शीतला माता धाम से पुष्पक विमान के प्रस्थान के साथ होती है। भगवान श्री राम पुष्पक विमान पर सवार होकर नगर भ्रमण करते हैं और श्रद्धालुओं को दर्शन देते हैं। इसके बाद जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ ऐतिहासिक शाही कटरा मैदान पहुंचता है। इस आयोजन का सबसे रोमांचक और ऐतिहासिक क्षण वह होता है, जब शाही कटरा स्थित मस्जिद की दीवार के समीप से गुज़रते समय भगवान श्री राम और भरत के विमानों का प्रतीकात्मक संगम कराया जाता है। यह अद्भुत दृश्य आस्था और कौतूहल का मुख्य केंद्र रहता है। यह आयोजन सांस्कृतिक दृष्टि से जितना महत्वपूर्ण है, सुरक्षा के लिहाज से उतना ही संवेदनशील भी माना जाता है। वर्ष 2005 में सुरक्षा व्यवस्था में हुई मामूली चूक के कारण यहां हिंसक घटनाएं हुई थीं, जिसके चलते भरत मिलाप स्थगित करना पड़ा था। उस घटना से सबक लेते हुए, अब हर साल जिला प्रशासन और पुलिस बल चौकसी की नई मिसाल पेश करते हैं। भरत मिलाप के संपन्न होने तक शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी और भारी पुलिस बल मौके पर तैनात रहकर पल-पल की निगरानी करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें