मऊ। जनपद में इस समय आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की चयन प्रक्रिया चल रही है। आवेदिकाओं में ऊहापोह की स्थिति बनी है। सभी ब्लाकों से संबंधित कार्यालयों के कर्मचारियों से घनिष्ठता बता कर बिचौलिये चयन कराने के लिए सीधे सादे लोगों से धन उगाही करने में व्यस्त हैं। लेकिन शासन की गाइड लाइन के तहत पारदर्शी प्रक्रिया अपनाए जाने से बिचौलियों की कोई चाल नहीं चल पाएगी।
आंगनबाड़ी और मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा सहायिकाओं के चयन के लिए आवेदन देने की तिथि बीत चुकी है।हाईस्कूल पास तथा 50 वर्ष की कम आयु तथा पांच साल की सेवा पूरी करने वाली सहायिकाओं की प्रोन्नति भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद पर होनी है। अपर मुुख्य सचिव एस राधा चौहान ने 21 जनवरी 2021 को जारी अपने आदेश में लिखा है कि ग्रामीण क्षेत्र में गांव अथवा शहरी क्षेत्र में वार्ड की गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाली महिला को प्रथम वरीयता दी जाएगी। इसके बाद विधवा अथवा परित्यक्ता महिला को चयन में प्राथमिकता दी जाएगी। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के लिए 46080 रुपये वार्षिक आय और शहरी क्षेत्र की महिलाओं के लिए 56460 रुपये वार्षिक आय नियत की गई है।
एक ही श्रेणी की कई महिलाओं के आ जाने पर इंटर बीए और एमए के अंकों के प्रतिशत में दस के भागफल को जोड़कर मेरिट बनाई जाएगी। एक ही मेरिट आने पर अधिक आयु वाली आवेदिकाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। मेरिट के बाद जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया जाएगा।
पांच सदस्यी चयन समिति में जिलाधिकारी द्वारा नामित सीडीओ, एडीएम अथवा इन्हीं के स्तर का वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अध्यक्ष, जिला कार्यक्रम अधिकारी सदस्य, अच्छी ख्याति वाले अनुसूचित जाति जन जाति और पिछड़ी जाति के जनपद स्तरीय अधिकारी, जनपद में तैनात समूह क अथवा ख की महिला अधिकारी सदस्य होंगी।
इस मामले में सीडीओ रामसिहं वर्मा ने बताया कि शासन की गाइड लाइन के अनुसार पूरी पारदर्शिता के साथ मेरिट सूची बनाई जाएगी। बिचौलियों के झांसों में अभ्यर्थी कदापि न आएं। मेरिट के आधार पर ही चयन होगा।