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Mau News: छोटे भाई को हल्दी चढ़ने से पहले घर पहुंचा बड़े भाई का शव, बहनें हुई बेसुध

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मधुबन। प्रयागराज में सड़क हादसे में रविवार को जाने गवाने वाले लकुरा गांव निवासी वेटर का शव सोमवार की देर रात साढ़े ग्यारह बजे उसके घर पहुंचा। उस समय उसके छोटे भाई की हल्दी रस्म की तैयारियां चल रही थीं। हल्दी से एक दिन पहले बड़े भाई रमेश का शव पहुंचते ही घर में छाई खुशियां मातम में बदल गईं। परिजनों की चित्कार से माहौल गमगीन हो गया। मंगलवार सुबह परिजनों ने दोहरीघाट स्थित मुक्तिधाम घाट पर रमेश का अंतिम संस्कार कर दिया। परिजनों के मुताबिक लकुरा निवासी रमेश राजभर (45) पत्नी फुला देवी और पांच पुत्री पूजा, पूनम, आरती, नेहा और खुशी के साथ प्रयागराज के हंडिया थाना क्षेत्र के रसार गांव में रहता था। वहीं वह एक होटल में वेटर का कार्य करता था। बीते रविवार की सुबह वह शौच के लिए घर से निकला था। सड़क पार करते समय बरौत से गोपीगंज की ओर जा रही तेज रफ्तार बाइक ने उसे टक्कर मार दी। हादसे में वह घायल हो गया। देर शाम एक अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव सोमवार की देर रात करीब साढे 11 बजे उसके पैतृक गांव लकुरा पहुंचा। रमेश का शव पहुंचते ही घर का माहौल गमगीन हो गया। भाई सुरेश, रामू, उमेश और बहन माया और शिखा बेसुध हो गई। रमेश चार भाई और दो बहनों मे सबसे बड़ा था। रमेश के छोटे भाई रामू राजभर की शादी 21 अप्रैल को थी। 18 अप्रैल को हल्दी रस्म का मुहूर्त था। रमेश 18 अप्रैल को अपने परिवार के साथ प्रयागराज से घर आने वाला था। लेकिन विधाता को यह मंजूर नहीं था। छोटे भाई को हल्दी चढ़ने से पहले बड़े भाई का शव घर पहुंचा।
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