मऊ। मैं सरकारी शिक्षक हूं, मेरी पत्नी भी शिक्षा मित्र है। शिक्षित होते हुए भी पत्नी को संयुक्त परिवार में रहने दिक्कत हो रही है। यह बात रविवार को पुलिस लाइन सभागार ने आयोजित परिवार परामर्श की बैठक में एक युवक ने कही। एक मामले में महिला ने आरोप लगाया कि शादी से पहले उसका पति हर बात सुनता था लेकिन अब लड़ाई करता है।
युवक ने बताया कि उसका बड़ा संयुक्त परिवार है, वह अपने परिवार से बेहद खुश है लेकिन उसकी पत्नी को पूरे परिवार से परेशानी है। पति का कहना है कि मैं अपने परिवार को नहीं छोड़ूंगा। पत्नी चाहती है मैं अपनी मां और चाची के साथ अभद्रता करूं। सदस्यों ने पत्नी को संयुक्त परिवार का महत्व समझाते हुए कहा कि अनुशासन में रहना बच्चों या परिवार सबके हक में होगा। इसी तरह से एक मामले में महिला ने अपने पति पर आरोप लगाया कि शादी तय होने से पहले उसका पति उसकी हर बात सुनता था और साझा करता था। लेकिन शादी होने के बाद वह बिल्कुल बदल गया है। अब वह उससे लड़ाई करता है। शादी के एक साल में तलाक़ जैसी स्थिति पहुंच गई है। इससे पहले सुबह दस बजे से दोपहर दो बजे तक चली बैठक में 39 मामलों की सुनवाई हुई। इसमें 9 का निस्तारण हुआ। एक मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई गई तो दो मामलों में सुलह हुआ, जबकि 6 फाइलें बंद कर दी गईं। इस दौरान अर्चना उपाध्याय, सर्वेश दूबे, शाहिद पैरिस आदि रहे।