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हिंदू-मुस्लिम एकता के हिमायती थे बशीर बद्र : डॉ. नफीस अहमद

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नगर के भुजौटी स्थित राहुल सांकृत्यायन सृजन पीठ पर डॉ. बशीर बद्र की याद में श्रद्धांजलि सभा में 
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नगर के भुजौटी स्थित राहुल सांकृत्यायन सृजन पीठ पर डॉ. बशीर बद्र की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित सभी लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जसम, मऊ के अध्यक्ष मनोज सिंह ने कहा कि डॉ. बशीर बद्र ने अपने दौर की सामयिक शायरी की। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और सीएमपी पीजी कॉलेज, प्रयागराज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नफीस अहमद ने कहा कि वह हिंदू-मुस्लिम एकता के हिमायती थे।
बशीर बद्र उर्दू गजल के बेहतरीन शायर थे। डॉ. शकील ने कहा कि उन्होंने अपनी शायरी में ‘घर’ को बहुत अहमियत दी है।
राहुल सांकृत्यायन सृजन पीठ के संस्थापक और वरिष्ठ आलोचक डॉ. जयप्रकाश धूमकेतु ने कहा कि बाजार से अदब (साहित्य) को बचाने की आवश्यकता है और इस दिशा में सृजन पीठ लगातार प्रयासरत है।
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डॉ. दानिश अंसारी ने कहा कि बशीर बद्र ने पारंपरिक ढांचे से हटकर अपनी अलग शैली की गजलें लिखीं। कार्यक्रम का संचालन फखरे आलम ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. तेजभान ने किया।
इस अवसर पर डॉ. जहीर हसन, डॉ. दानिश अंसारी, बसंत कुमार, डॉ. राम शिरोमणि, डॉ. त्रिभुवन नाथ, प्रसेन ब्रिकेश यादव, सरिया, शादां मतलूब, एडवोकेट प्रवीण आदि उपस्थित रहे।
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