ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व बृहस्पतिवार को मनाया जाएगा। इसे लेकर बुधवार को मुस्लिम बहुल इलाकों में दिनभर तैयारियां होती रहीं। बकरा बाजार में देर रात तक खरीदारी होती रही। ऐसे में लोग जाम से भी दो चार हुए। वहीं, मस्जिदों मेें नमाज के लिए और भी तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। बकरीद पर प्रशासन अलर्ट है। सुरक्षा सहित सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
नगरपालिका एवं नगर पंचायतों में कचरों के निस्तारण के लिए गड्ढ़ों की खोदाई की गई है। पर्व के मद्देनजर नगर के रौजा बाजार, मिर्जाहादीपुर, मधुबन, घोसी, कोपागंज, अदरी सहित विभिन्न बाजारों में सुबह से ही गहमागहमी रही। विभिन्न बाजारों में बकरों की खरीद-बिक्री का कार्य चल रहा था। कम्हरिया, व चांदपुरा में भैंस की खरीदारी के लिए खूब भीड़ जुटी हुई थी। वहीं क्यारी टोला तथा धोबिया इमली में सजे गुलाब जामुन के पैकेटों के स्टालों पर खूब भीड़ थी।
खीरीबाग व मिर्जाहादीपुरा सहित विभिन्न बाजारों में तरह-तरह के सामानों की खरीदारी हो रही थी। कपड़े, जूते-चप्पल, साड़ी-सलवार सूट, जींस, टी-शर्ट, सेरवानी व श्रृंगार सहित इत्र की खरीदारी हो रही थी। सभी कुर्बानी अपने-अपने घरों या अहाते में ही की जाएगी। जिले में 223 स्थलों पर ईद उल अजहा की नमाज अदा की जाएगी। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। कहीं भी प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी न हो इसके लिए खुफिया विभाग के लोग भी चक्रमण करते रहेंगे। नगरपालिका क्षेत्र में अपशिष्टों के निस्तारण के लिए 28 स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे खोदे गए हैं। यही तैयारी नगर पंचायत चिरैयाकोट, मुहदम्मदागाद गोहना, वलीदपुर, घोसी, दोहरीघाट, अदरी, कोपागंज, मधुबन आदि में भी की गई है। इस संबंध में नगरपालिका चेयरमैन अरशद जमाल ने बताया कि बकरीद पर अपशिष्टों के निस्तारण के लिए 28 जगहों पर गड्ढे खोदे गए हैं। पानी के लिए नौ टैंकर लगाए जाएंगे। सभी नलकूपों पर ऑपरेटरों की तैनाती रहेगी।