मऊ। जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय कुमार यादव ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर एक से अधिक पासपोर्ट बनवाने के मामले में आरोपी दिनेश यादव की जमानत अर्जी बृहस्पतिवार को खारिज कर दी। जिला जज ने यह आदेश बचाव पक्ष और प्रभारी डीजीसी फौजदारी के तर्क सुनने तथा केस डायरी का अवलोकन करने के बाद पारित किया। मामला कोपागंज थाना क्षेत्र से जुड़ा है।
अभियोजन के अनुसार उपनिरीक्षक अनिकेत सिंह की तहरीर पर कोपागंज थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। तहरीर में आरोप लगाया गया कि आरोपी ने कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल कर अपनी पहचान से जुड़ी विभिन्न जानकारियों में बदलाव किया। इसके आधार पर नाम, पिता का नाम, पत्नी का नाम, जन्मतिथि और पता बदलकर दो से अधिक पासपोर्ट बनवाए गए।
पुलिस की जांच में अलग-अलग नाम और पते से दर्ज पहचान की वास्तविकता सामने आने का दावा किया गया। जांच के दौरान मोनू यादव पुत्र रामप्रीत यादव निवासी पिपरा पुरुषोत्तम बरदिहाल, देवरिया और उमाशंकर कुमार पुत्र रामप्रीत कुमार निवासी हुंसापूरा, थाना कोपागंज की असल पहचान दिनेश यादव पुत्र रामप्रीत यादव निवासी कुआं बुजुर्ग, थाना खजनी, जनपद गोरखपुर के रूप में सामने आई।
मामले में गोरखपुर जिले के खजनी थाना क्षेत्र के कुआं बुजुर्ग गांव निवासी दिनेश यादव की ओर से जमानत अर्जी दाखिल की गई थी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने और केस डायरी का अवलोकन करने के बाद आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।