मऊ। जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय कुमार यादव ने दहेज को लेकर चंद्रावती की गला दबाकर की गई हत्या, नाबालिग को शादी के आशय से भगाने और हत्या के मामले में नामजद तीन आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दिया। जिला जज ने यह आदेश बचाव पक्ष और प्रभारी डीजीसी फौजदारी के तर्कों को सुनने तथा केस डायरी का अवलोकन करने के बाद पारित किया। पहला मामला कोतवाली घोसी क्षेत्र का है।
अभियोजन के अनुसार दोहरीघाट थाना क्षेत्र के बेलौली सोनबरसा, चंद्रावती निवासी प्रेमचंद पुत्र स्व. रामसेवक की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई। वादी का कथन है कि उसकी लड़की चंद्रकला की शादी नितेश के साथ हुई थी। आरोप है कि उसकी लड़की को उसके ससुराल वाले दहेज को लेकर प्रताड़ित करते थे। तथा 23 अगस्त 26 को गला दबाकर उसकी हत्या कर दिए।
मामले में आरोपी ससुर गदुरा पूरा मझवारा निवासी नागेंद्र चौहान पुत्र स्व. रामबरन चौहान की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई। जिसे सुनवाई के बाद खारिज कर दिया। दूसरा मामला हलधरपुर थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार ढोलवन गांव निवासी गोलू राजभर पुत्र स्व. रामजनम राजभर की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई। वादी का कथन है कि 28 मई 26 को उसके पिता रामजनम राजभर गेहूं पीसवाकर आ रहे थे कि आरोपीगण जमीन व नाली के विवाद को लेकर गोली मारकर उनकी हत्या कर दिया। मामले में आरोपी मरुखा गांव निवासी शिवशंकर यादव पुत्र बब्बन यादव की ओर से जमानत के लिए द्वितीय अर्जी दी गई। जिसे सुनवाई के बाद खारिज कर दिया।
तीसरा मामले में वादी मुकदमा की नाबालिग नतिनी को आरोपी शादी के आशय से 14 अगस्त को बहला फुसलाकर भगा ले गया। मामले में आरोपी झांसी जिले के चिरगांव निवासी राहुल कुमार पुत्र शिवदयाल की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई। जिसे सुनवाई के बाद खारिज कर दिया।