एसपी कार्यालय में आयोजित महिला एच्छिक ब्यूरो में आए मामले की सुनवाई करते सदस्य।संवाद
पुलिस लाइन सभागार में आयोजित एच्छिक ब्यूरो की बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
मऊ। पति बदमिजाज है, वह मेरी बच्चियों से मारपीट करता है। मेरे ससुराल पक्ष के लोग आर्थिक रूप से बेहद मजबूत हैं। वह किसी की बात नहीं सुनते। यह गुहार शहर कोतवाली क्षेत्र की एक महिला ने रविवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित एच्छिक ब्यूरो की बैठक में सदस्यों के समक्ष लगाई।
महिला ने बताया कि ससुराल पक्ष के लोग उसे पति के साथ रहने नहीं देते हैं। उसके तीन बच्चों में दो बच्चियां पति के साथ रहती हैं, जहां वह पिता के प्रताड़ना से परेशान हैं। इस मामले को सुनने के बाद सदस्यों ने महिला और उसके पति को अलग हटाकर बच्चियां से बात की तो दोनों पिता से बेहद डरी हुई थीं, जहां दोनों ने पिता के बदमिजाजी के बारे में बताया। वहीं एक मामला में युवक ने बताया कि उसकी पत्नी कोई भी फैसले में उसके परिवार को प्राथमिकता न देकर मायके के लोगों को देती है। जबकि मसला उसके घर से जुड़ा होता है, कई बार उसने अपने ससुराल पक्ष के लोगों को इसके बारे में बात बता दी। बावजूद कोई सुनवाई न होने पर उसने मजबूरी में ब्यूरो की सदस्यों के समक्ष मामले को उजागर किया। इससे पहले सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक चली बैठक में 41 मामलो में सुनवाई हुई, जिसमें 11 का निस्तारण हुआ है। इस दौरान दो दंपतियों में गिले शिकवे भुलाकर साथ रहने को तैयार हुए। जबकि सदस्यों ने सात मामले में फाइल बंद कर दीं। दो मामलो में प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्णय लिया गया। निस्तारण में पदाधिकारी अर्चना उपाध्याय, शाहिद पैरिस, मौलवी अरशद रहे।