बड़े- बड़े गढ्ढो में तब्दील घोसी -पकड़ी मार्ग।संवाद
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घोसी। गड्ढामुक्त सड़कों का दावा केवज कागजों पर दुरस्त होता दिख रहा है। वर्तमान में जिले में कई बदहाल सड़कें इसका ज्वलंत उदाहरण है। घोसी तहसील की पकड़ी गांव जानी वाली सड़क जिम्मेदारों का जहां आईना दिखा रही हैं, वहीं इस सड़क पर बने गड्ढे वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बन रहे है। वर्तमान में बारिश के चलते सड़क के गड्ढों में पानी भर जाने से आवागमन और भी दुरूह हो गया है। बताते चले घोसी कस्बा के पकडीमोड से शोधनपुर, सोमरीडीह, गौरीडीह होते पकडी बुजुर्ग, पकडी खुर्द आदि गांवों को जाने वाली सड़क की मरम्मत अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण कई सालों से मरम्मत नहीं कराई गई है। जिससे सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होकर बड़े बड़े गड्ढो में तब्दील हो गयी है। शोधनपुर से लेकर सोमारीडीह गांव के पास तो सड़क इतनी खराब है कि इसका अस्तित्व हीं समाप्त हो गया लगता है। जबकि इस मार्ग पर ही शारदा मंदिर के साथ पकड़ी का प्राचीन नईन माई का मंदिर है। इसी मार्ग से होकर लोग जिले की दूसरे सबसे बड़े ताल पकड़ी ताल जाते हैं। सड़क के पूरी तरह से खराब होने के चलते बुजुर्गों, महिलाओं को बहुत परेशानी होती है।दो पहिया वाहन के साथ अन्य वाहन चालक लम्बी दूरी तय कर फोरलेन होकर नदवासराय मार्ग से घोसी आने को बाध्य हो रहे हैं। समस्या के संबंध में ग्रामीण राजेश सिंह, अनिल श्रीवास्तव, रमेश विश्वकर्मा, अभय सिंह का कहना है कि गढ्डामुक्त सड़कों का दावा केवल कागजी है। इसका ज्वलंत उदाहरण पकड़ी मार्ग है। कई बार इस संबंध में शिकायत करने के बाद इसके मरम्मत को लेकर कोई कवायद नहीं की जा रही है।