जिला अस्पताल के ब्लड बैंक की क्षमता 400 यूनिट रक्त की है, लेकिन यह अब तक कभी पूरी क्षमता पर नहीं पहुंच पाया है। वर्तमान में ब्लड बैंक में केवल 31 यूनिट रक्त उपलब्ध है, जबकि हर दिन की खपत 7-8 यूनिट है।
बी निगेटिव का शून्य यूनिट और ओ निगेटिव का केवल 1 यूनिट उपलब्ध है। यदि अगले चार दिन में कोई रक्तदान शिविर नहीं आयोजित किया गया, तो इन रक्त ग्रुप का स्टॉक खत्म होने का खतरा है। जिला अस्पताल में रोजाना करीब 1,000 मरीजों का उपचार होता है।
रक्त की कमी के कारण, जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को निजी अस्पताल या निजी ब्लड बैंक का सहारा लेना पड़ रहा है। बीते 20 फरवरी को घोसी के पूर्व सांसद अतुल राय के जन्मदिन पर 88 यूनिट रक्तदान हुआ था, लेकिन तब से ब्लड बैंक में कोई बड़ा रक्तदान शिविर आयोजित नहीं हुआ है।
ब्लड बैंक के कर्मचारियों का कहना है कि गंभीर मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर ही रक्त उपलब्ध कराया जा रहा है। स्वैच्छिक रक्तदान की कमी के कारण यह समस्या और बढ़ रही है। संवाद
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रक्तदान शिविर प्रस्तावित
इस माह ब्लड बैंक में मारवाड़ी युवा मंच के तत्वावधान में बड़ा रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा। संगठन द्वारा हर साल औसतन 30 यूनिट रक्तदान किया जाता है। इस रक्तदान के बाद ब्लड बैंक के स्टॉक में सुधार की उम्मीद है।
खून की उपलब्धता
ए पॉजिटिव – 3 यूनिट
ए निगेटिव – 3 यूनिट
बी पॉजिटिव – 17 यूनिट
बी निगेटिव – शून्य
एबी पॉजिटिव – 3 यूनिट
एबी निगेटिव – 2 यूनिट
ओ पॉजिटिव – 2 यूनिट
ओ निगेटिव – 1 यूनिट
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दो चिकित्सक सहित कुल 26 कर्मचारियों की ब्लड बैंक में है तैनाती
ब्लड बैंक की प्रभारी डा. सरिता ने बताया कि जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में प्रभारी के साथ डॉ. हेमंत सहित एलटी, स्टाफ नर्स, वार्ड ब्वाय को मिलाकर कुल 26 कर्मचारियों की वर्तमान में तैनाती है। ब्लड बैंक की तरफ से नियमित अंतराल पर स्वयं सेवी संगठन के साथ अन्य को जागरूक किया जाता है।
- वर्जन
ब्लड बैंक में बीते कई महीने से कोई बड़ा रक्तदान शिविर भी नहीं लगा है और रक्तदान करने वाले भी काफी कम हो गए हैं। इसी वजह से ब्लड बैंक में रक्त समूहों की संख्या लगातार कम होती जा रही है। लोग केवल रिप्लेसमेंट के आधार पर ही रक्तदान कर रहे हैं, इससे इमरजेंसी के लिए रिजर्व स्टॉक खत्म होता जा रहा है। स्वयंसेवी संस्थाओं से अपील है कि वे आगे आएं और रक्तदान करें। - डॉ. सीपी आर्या, प्रभारी सीएमएस जिला अस्पताल