मऊ। रक्षाबंधन की तिथि को लेकर लोग ऊहापोह में हैं। जबकि ज्योतिषाचार्य भी तिथि को लेकर एक मत नहीं हो पा रहे हैं। वह 11 तथा 12 अगस्त को अपनी सुविधा एवं आस्थानुसार पर्व मनाए जाने की बात कह रहे हैं।
हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर रक्षाबंधन मनाया जाता है। इस वर्ष त्योहार की तिथि को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। शीतला माता मंदिर के प्रधान पुजारी पं. दीपक महाराज का कहना था कि रक्षाबंधन पूर्णिमा 11 अगस्त को है। भद्रा का आगमन भी हो रहा है। जो कि किसी पंचाग में 7.30 बजे तो किसी में रात 8.30 बजे है। ऐसे में 11 अगस्त को सुबह 9.30 बजे से पूरे दिन रात तक रक्षाबंधन मना सकते हैं। जिसको भद्रा के इस परिहार को नहीं मानना है वह रात 7.30 बजे या 8.30 बजे के बाद रक्षाबंधन कर सकते हैं। शास्त्रों के अनुसार जब भद्रा का वास मृत्युलोक (पृथ्वीलोक) में होता है तभी केवल वह अशुभ माना जाता है।मुहम्मदाबादगोहना कस्बा निवासी पं. विरेंद्र शुक्ल का कहना था कि 11 अगस्त को सुबह 9.35 बजे पूर्णिमा लगने के दौरान भद्रा हो रहा है। ऐसे में रक्षाबंधन 11 अगस्त की रात 8.31 बजे से मनाया जाएगा। पूर्णिमा तिथि 12 अगस्त सुबह सात बजकर 17 मिनट तक रहेगी। 12 अगस्त को रक्षाबंधन मनाने वाले लोग सात बजकर 17 मिनट तक ही इसे मनाएं।