मऊ। विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए राजीव कुमार वत्स के न्यायालय में वृहस्पतिवार को पूर्व विधायक अब्बास अंसारी की ओर से विधानसभा चुनाव के दौरान नफरती भाषण के मामले में गत 31 मई को सीजेएम द्धारा सुनाई गई सजा के विरुद्ध दाखिल अपील पर सुनवाई हुई। इस दौरान अब्बास अंसारी के अधिवक्ता ने बहस किया, उनकी ओर से बहस पूरी हो गई। अभियोजन की ओर से बहस किया, उनकी बहस पूरी नहीं हो सकी। वहीं वादी मुकदमा एसआई गंगा राम बिंद कोर्ट में उपस्थित हुए, उनकी ओर वकालतनामा दाखिल किया गया, उन्हें अपील और अन्य प्रपत्रों की काॅपी दी गई। विशेष न्यायाधीश ने मामले में अभियोजन और वादी मुकदमा की ओर से बहस के लिए 27 जून की तिथि नियत किया। मामला शहर मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है।
मामले में अभियोजन के अनुसार एसआई गंगाराम बिंद की तहरीर पर शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज हुई। इसमें अब्बास अंसारी व अन्य को आरोपी बनाया गया। सीजेएम ने दोनों पक्षो के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी अब्बास अंसारी और मंसूर अंसारी को दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद अब्बास अंसारी को दो वर्ष की सजा के साथ ही कुल 11 हजार अर्थदंड लगाया था। वही मंसूर अंसारी को 6 माह की सजा सुनाया था। सीजेएम द्धारा दी गई सजा के विरुद्ध विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए के न्यायालय में अपील दाखिल की गई हैं।