मऊ। बारिश में निकायों की लापरवाही राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बन सकती है। दरअसल कई बार फटकार के बाद भी जिले के दो निकाय को छोड़कर आठ निकाय कचरा प्रबंधन के लिए भूमि चिह्नित नहीं कर सकेे हैं। ऐसे में कचरा सड़क किनारे डंप किया जा रहा है। बारिश और तेज आंधी में कचरा सड़क तथा आबादी के बीच पहुंच रहा है। जिम्मेदारों की इस लापरवाही का खामियाजा लोगों को भुगतनी पड़ रही है। जिले के दस निकाय नगर पालिका मऊ, कोपागंज, दोहरीघाट, चिरैयाकोट, अमिला, अदरी, मधुबन, घोसी, वलीदपुर तथा नई बनी कुर्थीजाफरपुर नगर पंचायत है। इसमें केवल मऊ नगर पालिका तथा कोपागंज नगर पंचायत ने कचरा के निस्तारण को लेकर डपिंग ग्राउंड चिह्नित किया है। वर्तमान में बाकी आठ निकाय अपने-अपने क्षेत्र के सड़क किनारे कचरा डंप कर रहे हैं। बारिश में यह कचरा बहकर सड़क से आबादी के बीच पहुंच रहा है तो तेज आंधी हवा से इसमें उठने वाली भीषण दुर्गंध उस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालक-पैदल राहगीरों के लिए परेशानी बन रही है। ऐसा नहीं है कि निकायों के जिम्मेदारों को डपिंग ग्राउंड के लिए प्रशासन द्वारा चेताया नहीं गया है, कई बार मीटिंग में फटकार तथा पूर्व में तत्कालीन जिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी द्वारा नोटिस भी जारी कर कार्रवाई की जा चुकी है, बावजूद दो निकाय को छोड़कर अब तक दूसरे निकायों के जिम्मेदार इस पर अमल नहीं कर सके हैं।