मऊ रेलवे स्टेशन के बाहर बाइक स्टैंड पर रेलवे की ओर से ठेकेदार को डिजिटल पर्ची काटने के लिए मशीन दी गई थी। मशीन से केवल 20 से 25 दिन पर्ची काटी गई, लेकिन अब वो मशीन दिखाई नहीं देती है। पूछने पर स्टैंड के कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें मशीन चलानी नहीं आती है, इसके लिए अलग से एक व्यक्ति को रखा गया था अब वो नहीं आता है। इसके चलते मनमाना शुल्क वसूली के खेल को रोकने पर लगाम नहीं लग पा रही है।
मशीन से घंटे के हिसाब से शुल्क की पर्ची निकलती थी, जिससे यात्री अधिक पैसे देने से बच जाते थे। लेकिन जैसे ही रेलवे के अधिकारियों की निगरानी कम हुई वैसे ही मनमाना वसूली शुरू हो गई। मऊ जंक्शन पर रोजाना 24 हजार यात्री आते जाते हैं। यहां बने स्टैंड पर शून्य से छह घंटे का 10 रुपये, 12 घंटे का 15 रुपये और 24 घंटे का 20 रुपये शुल्क निर्धारित है। पार्किंग में चार पहिया वाहन एक घंटे खड़ा हो या 24 घंटे 20 रुपये शुल्क निर्धारित है। लेकिन चार पहिया वाहनों का चार से पांच घंटे का 20 रुपये और 24 घंटे का 40 रुपये शुल्क लिया जाता है। लेकिन ठेकेदार के पास अधिक लिए गए शुल्क का रिकार्ड नहीं होता है। पहले वाहन स्वामी से पूछ लिया जाता है, वाहन कुछ देर के लिए खड़ा करना है या 24 घंटे या उससे अधिक समय के लिए। कुछ देर वालों को बाकायदा 10 रुपये की लाल पर्ची काटकर दी जाती है जिसका उनके पास रिकॉर्ड होता है। वहीं 24 घंटे या उससे अधिक समय वालों को पीली पर्ची दी जाती है। जो पर्ची वाहन स्वामी को दी जाती है शुल्क पर्ची के पीछे लिख दिया जाता है और ठेकेदार के पास पड़ी पर्ची पर रिकॉर्ड में कुछ और ही दर्ज होता है। यदि पर्ची दो दिन के लिए बनी है और ट्रेन लेट होने के चलते एक या दो घंटे अधिक समय हो जाता है तब भी 20 रुपये ही शुल्क लिया जाता है। जबकि नियम के अनुसार उससे 10 रुपये लिया जाना चाहिए।
पार्किंग एरिया में खड़े वाहनों का भी लेते हैं शुल्क
मऊ जंक्शन रेलवे स्टेशन के बाहर पार्किंग एरिया में खड़े वाहनों का भी ठेकेदार के कर्मचारी घूम घूमकर पर्ची काटते हैं। जबकि टेंडर केवल घेरा बनाए गए बाइक स्टैंड का होता है और उसके अंदर खड़े होने वाले वाहनों का ही शुल्क जमा करना होता है। इस बात को लेकर रोजाना वाहन स्वामियों और ठेकेदार के कर्मचारियों में नोकझोंक होती रहती है।
बाइक स्टैंड पर डिजिटल पर्ची काटने का नियम है। यात्री रेट सूची पर लिखे शुल्क को देख कर ही भुगतान करें। यदि मशीन रहते हुए भी हाथ से पर्ची काटी जा रही है तो मॉनीटरिंग कर सुधार करना की जिम्मेदारी स्थानीय अधिकारी की है। मामले में पूछताछ कर सुधार करने को कहा जाएगा।-अशोक कुमार, जनसंपर्क अधिकारी, वाराणसी