संस्कृत पाठशाला पर मोहर्रम के चालीसवां जुलूस में मातम करते बच्चे।
मऊ/कोपागंज/घोसी। शिया समुदाय की ओर से मंगलवार को चेहल्लुम का जुलूस निकाला। इससे पूर्व हुई मजलिसों में जहां मौलाना ने कर्बला की शहादत का जिक्र किया तो वहीं अंजुमनों ने नौहा मातम कर कर्बला के शहीदों को खिराजे अकीदत पेश की। रास्ते पर अजादार ‘या हुसैन’ की दर्द भरी सदाएं बुलंद करते चल रहे थे। वहीं जुलूस के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
मऊ चेहल्लुम पर इमामबाड़ा, मलिकटोला, काजीटोला, क्यारीटोला के ताजिए जुलूस के रूप में निकले। इस दौरान अकीदतमंदों ने नौहाख्वानी की। जुलूस चौक से निकलकर अपने कदीमी रास्ते गोला बाजार, खंडेलवाल मार्ग, संस्कृत पाठशाला, शाही कटरा होते हुए डिहवा कर्बला के लिए रवाना हुआ। शाही कटरे के दक्खिनी सहन में जोरदार ढंग से फने सिपहगिरी का मुजाहरा किया गया। इस मौके पर किसी गड़बड़ी फैलने की आशंका को लेकर पहले से पुलिस का पहरा सख्त कर दिया गया था। पुलिस अधीक्षक ललित कुमार सिंह ने महकमे को सजग एवं सतर्क रहने का निर्देश दिया था। इस मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र कुमार श्रीवास्तव, मुख्य राजस्व अधिकारी हंसराज सिटी मजिस्ट्रेट आदि जिलास्तरीय अधिकारी शामिल रहे।
कोपागंज : चेहल्लुम का जुलूस पारंपरिक ढंग से निकाला गया। इमाम की शहादत को याद कर युवाओं ने जंजीर का मातम भी किया। जुलुस देर शाम गंजशहीदा स्थित कर्बला में पहुंचा। जुलुस के पहुंचते ही शिया एक्शन कमेटी के अध्यक्ष मौलाना कर्रार अली ने मजलिस को खिताब करते हुए कहा कि इमाम हुसैन की शहादत के उनकी बहन जैनब एवं अन्य बीबीयों पर यजीदी फौज द्वारा जुल्म ढाए गए थे। उनके सिरों की चादर छीन ली गईं थी। जुलूस का संचालन हसनैन ने किया। इस मौके पर सीबू मेहंदी, इमरान जाफरी, अबू हसन आदि मौजूद रहे।
घोसी : बड़ागांव में मंगलवार को दोपहर चेहल्लुम पर ताजिया, ताबूत व अलम का जुलूस निकाला गया। अंजुमनों ने नौहा और मातम किया। जुलूस देर शाम नेशनल हाइवे स्थित सदर इमाम बारगाह पर समाप्त हुआ। इस दौरान नीमतले अंजुमन सज्जदिया के नौहाख्वा हाजी ग़जनफर अब्बास व शमीम हैदर ने नौहा पढ़ा। सदर बाजार स्थित इमाम चौक से ताजिया का जुलूस निकाला गया।