कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों की बैठक को संबोधित करते एडीएम भानुप्रताप सिंह।संवाद
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मऊ। अपर जिलाधिकारी भानु प्रताप सिंह ने बुधवार को पशुओं के लंपी स्क्रीन रोग के रोकथाम को लेकर बैठक की। निर्देश दिए कि पशुओं की इस बीमारी को देखते हुए बाहरी जनपदों से जिले में पशुओं को न लाया जाए। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एम प्रसाद ने बताया कि प्रदेश के पश्चिमी 15 जनपदों में लंपी स्किन रोग बीमारी का प्रकोप गोवंश में हुआ है। जो एक विषाणु जनित रोग है। इस बीमारी से बचने के लिए जागरूकता की विशेष आवश्यकता है। यदि किसी भी व्यक्ति को किसी भी पशु में लंपी स्किन रोग का लक्षण दिखाई दे तो तत्काल पशु चिकित्साधिकारी को सूचित करें। बताया कि इस बीमारी के लक्षण पशुओं को तेज बुखार, आंख बंद नाक से पानी गिरना, पैरों में सूजन, पूरे शरीर में कठोर एवं चपटी गांठ हैं। अपर जिलाधिकारी भानुप्रताप ने बताया गया कि इस रोग प्रकोप की जानकारी ग्रामीण स्तर पर देने की अति आवश्यक है क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में पशु अधिक संख्या में पाले जाते हैं। उन्होंने कहा कि पशु की किसी भी दशा में मृत्यु होती है तो उसको गौशाला या घर पर देर तक न रखें जितना जल्दी हो सके उससे वैज्ञानिक विधि से दफनाए।उन्होंने बताया कि अन्य जनपदों से पशुओं को न लाया जाए, इसपर पूर्ण तरीके से प्रतिबंध किये जाने को कहा। बैठक में पशु चिकित्साधिकारी, समस्त खंड विकास अधिकारी, समस्त एडीओ पंचायत सहित सहित दूसरे अधिकारी मौजूद रहे।