बड़राव ब्लॉक क्षेत्र के मुहम्मदाबाद सिपाह स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय में उपचार की समुचित व्यवस्था नहीं होने से पशुपालकों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। पशुपालक बीमार पशुओं को लेकर अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें घंटों इंतजार के बाद लौटना पड़ता है।
बड़राव, अमिला, नदवासराय और मुहम्मदाबाद सिपाह स्थित अस्पतालों में एक ही चिकित्सक की तैनाती है। बृहस्पतिवार को सुबह करीब 11:30 बजे रविंद्र, गुलाब और सुरेंद्र अपने पशुओं को लेकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां ताला बंद मिला।
वे भैंस और बकरियों को पास में बांधकर चिकित्सक और कर्मचारियों के आने का इंतजार करते रहे, लेकिन दोपहर एक बजे तक कोई नहीं पहुंचा। इसके बाद वे अपने-अपने पशुओं को लेकर वापस लौट गए।
पशुपालकों का कहना है कि कर्मचारियों और चिकित्सकों की कमी के कारण सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क सुविधाओं का लाभ उन्हें नहीं मिल पा रहा है।
नदवासराय पशु चिकित्सालय में एक विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती है, जबकि बड़राव और मुहम्मदाबाद सिपाह के अस्पताल फार्मासिस्ट के भरोसे संचालित हो रहे हैं। अमिला अस्पताल में पशुधन प्रसार अधिकारी व्यवस्था संभाल रहे हैं।
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गर्मी के मौसम में पशुओं में बीमारियां बढ़ जाती हैं, लेकिन राजकीय अस्पतालों में समय पर चिकित्सक नहीं मिलते। इससे इलाज कराने में दिक्कत होती है। निजी चिकित्सकों से इलाज कराने पर अधिक पैसा खर्च होता है। -जयहिंद सिंह
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कई वर्षों से अस्पताल में नियमित चिकित्सक की तैनाती नहीं है। अस्पताल पहुंचने के बाद भी समय पर उपचार नहीं मिल पाता, जिससे कई बार पशुओं की जान तक चली जाती है। -राजेश यादव
सरकारी पशु अस्पताल छोटे पशुपालकों की पहली उम्मीद होते हैं, लेकिन स्टाफ की कमी के कारण अस्पताल अक्सर बंद रहते हैं। जो कर्मचारी तैनात हैं, वे भी अधिकांश समय क्षेत्रीय भ्रमण पर रहते हैं। -पिंटु राय
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बड़राव ब्लॉक समेत आसपास के सरकारी पशु अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी के चलते सैकड़ो पशुपालक निजी डॉक्टरों और झोलाछापों से महंगा इलाज कराने को मजबूर हैं। -सुनील राय
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