शिक्षामित्रों ने उनके समायोजन में हो रही कोताही के खिलाफ मंगलवार को जमकर गुस्सा का इजहार किया। नाराज शिक्षामित्रों ने फातिमा तिराहे पर राष्ट्रीय राजमार्ग वाराणसी-गोरखपुर को जाम कर प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग उनके साथ छल कर रहा है।
सीटों की संख्या कम दिखा कर समायोजन में लापरवाही की जा रही है। प्रदर्शन कर रहे शिक्षामित्रों को कुछ देर के बाद मौके पर पहुंचे सीओ ने समझाबुझाकर जाम से हटवाया। जिलाधिकारी से अपनी बात रखने की बात कही। नाराज शिक्षामित्र नारेबाजी करते हुए जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शनकारी शिक्षामित्रों का कहना था कि शिक्षक पदों पर शिक्षामित्रों के समायोजन में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी की जा रही है। नियम को ताक पर रख दिया गया है।
846 शिक्षामित्रों के समायोजन के क्रम में सीटों की सूची नहीं दर्शायी गई है। महिला व विकलांग शिक्षामित्रों को काफी दूर भेजा जा रहा है। सीटों को छिपाया जा रहा है।
एक अप्रैल 1986 तक की महिलाओं को काउंसिलिंग में शामिल किया गया है। इसके बाद की महिलाओं को काउंसिलिंग से बाहर रखा गया है। विभागीय अधिकारियों को अवगत कराए जाने के बाद भी मामले पर विचार नहीं किया जा रहा है।
यह सब अधिकारियों व कर्मचारियों तथा प्रशासन की मिलीभगत के चलते हो रहा है। नियम के तहत शिक्षामित्रों को विद्यालय का आवंटन नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन तेज करने को बाध्य हो जाएंगे।
सूचना पाकर मौके पर पहुंचे सीओ ने प्रदर्शनकारियों को जिलाधिकारी से बात करने की बात कहकर जाम हटवा दिया। गुस्साए शिक्षामित्र जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर नजरीना, कविता, सुमन, बब्बन, सिराजुद्दीन, अशोक, विनोद विश्वकर्मा, गुंजा गुप्ता आदि शामिल थे।