मऊ। बच्चों की सेहत और उनकी शुरुआती पढ़ाई की जिम्मेदारी उठाने वाले करीब 60 प्रतिशत आंगनबाड़ी केंद्र खुद बदहाली का शिकार हैं। विभागीय उदासीनता से आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन जैसे-तैसे हो रहा है। वर्तमान में जिले में करीब 40.81 प्रतिशत आंगनबाड़ी केंद्र अपने भवन में संचालित हो रहे हैं। जबकि नगरीय क्षेत्र में 36 प्रतिशत आंगनबाड़ी केंद्र किराये के भवन में संचालित हो रहे हैं। विभागीय अधिकारी सब कुछ ओके बता रहे हैं। सोमवार को हमारी टीम ने पड़ताल की तो कई बदहाल पड़े भवनों में न तो बच्चों के बैठने के लिए सही जगह मिली, न साफ पीने का पानी और न ही शौचालय की सुविधा थी।
बच्चों की सेहत और उनकी शुरुआती पढ़ाई और गर्भवती महिलाओं को कुपोषण से बचाने के लिए जिले में 2587 आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना की गई है। विभाग की तरफ से आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-प्राइमरी के रूप में विकसित करने के लिए सुविधाएं बढ़ाने का दावा किया जा रहा है, मगर जिले के 1531 आंगनबाड़ी केंद्रों को अब तक खुद का भवन भी नहीं मिल पाया है। केंद्रों का संचालन जैसे-तैसे हो रहा है। नगरीय क्षेत्र में 300 केंद्र संचालित हैं, लेकिन 108 आंगनबाड़ी केंद्र किराये के मकान में संचालित हो रहे हैं। जबकि शेष परिषदीय विद्यालयों में संचालित हो रहे हैं।
किराये के मकानों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर नहीं लगा है साइनबोर्ड
मऊ। नगर क्षेत्र में विभाग की तरफ से 108 केंद्रों का संचालन किराये के मकान में किया जा रहा है। विभाग की तरफ से बोर्ड और पैनल न लगाए जाने से आंगनबाड़ी केंद्रों को खोजना मुश्किल हो रहा है। टीम सोमवार सुबह 9.30 बजे नगर क्षेत्र के मोहसिनपुरा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर पहुंची तो केंद्र में बच्चे नहीं मिले। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और एएनएम बैठी मिलीं।
केंद्र का संचालन एक कमरे में मिला। कमरे में अंधेरा रहा। सुबह 10 बजे निजामुद्दीनपुरा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र, गालिबपुर में सुबह 10.30 बजे और हनुमान नगर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में सुबह 11 बजे पहुंची तो केंद्रों का संचालन एक कमरे में मिला। बच्चे नहीं मिले, केवल आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौके पर मिलीं।
बंद मिला ब्लॉक मुख्यालय के पास आंगनबाड़ी केंद्र
रतनपुरा। स्थानीय ब्लॉक मुख्यालय के समीप आंगनबाड़ी केंद्र सोमवार सुबह 11 बजे बंद मिला। पीपरसाथ स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन जैसे-तैसे हो रहा है। क्षेत्र के घनश्याम, राहुल, पिंटू, कल्लू का कहना है कि यहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कभी नहीं आती हैं। शिकायत के बाद संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकी है।
सुबह 10 बजे बंद मिला आंगनबाड़ी केंद्र
बोझी। बड़राव विकासखंड के ग्राम पंचायत रेयाव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र बदहाल है। घोसी के प्राथमिक विद्यालय रत्तनपुर छावनी के बंद विद्यालय में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित होता है, लेकिन सोमवार सुबह दस बजे आंगनबाड़ी केंद्र बंद मिला।
आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ते मिले पांच बच्चे
कुसुम्हा। क्षेत्र के खरकौली स्थित प्राथमिक विद्यालय में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र में सुबह 9.25 बजे पांच बच्चे पढ़ाई करते मिले। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का कहना था कि बच्चे देर से आते हैं।
बदहाल पड़ा है धूस के आंगनबाड़ी केंद्र का भवन
दुबारी। फतहपुर मंडाव ब्लॉक क्षेत्र के दुबारी धुस में बना आंगनबाड़ी केंद्र का भवन बदहाल पड़ा है। विभाग की तरफ से लंबे समय बाद भी जर्जर भवन के स्थान पर नए भवन का निर्माण नहीं किया जा सका है। आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन पास ही के प्राथमिक विद्यालय में हो रहा है। सुबह 10 बजे केंद्र में 22 बच्चे पढ़ाई करते मिले। इसी क्रम में क्षेत्र के खैरा स्थित प्राथमिक विद्यालय में आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन होना मिला। यहां बच्चे पढ़ाई करते मिले।
जिन आंगनबाड़ी केंद्रों का भवन नहीं बना है, जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है। आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन में अनियमितता के मामले में केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सीडीपीओ से ब्लॉकवार रिपोर्ट मांगी जाएगी। - रंजीत कुमार, प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी, मऊ