नगर के बाल निकेतन स्थित राजकीय टीवी क्लिनिक
मऊ। नगर स्थित राजकीय टीबी हॉस्पिटल में आखिरकार एक दशक बाद एक्स-रे टेक्नीशियन की तैनाती होगी। वर्तमान में टीबी क्लीनिक में आने वाले मरीजों का एक्स-रे डार्क सहायक द्वारा किया जा रहा था। अवकाश पर जाने की स्थिति में यहां जांच प्रभावित हो जाता था, लेकिन अब एक्स-रे टेक्नीशियन और डार्क सहायक दोनों के होने से यह समस्या दूर होगी।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. हंसराज सोनी ने बताया कि जिले को नए मिले दो एक्स-रे टेक्नीशियन की नियुक्ति हुई है। उम्मीद है कि यहां एक एक्स-रे टेक्नीशियन की तैनाती की जाएगी, इसको लेकर सीएमओ को अवगत कराया जा चुका है। बताया कि वर्तमान में हर दिन 70 से अधिक मरीजों की ओपीडी होती है। इसमें 15 से 20 मरीजों का एक्स-रे करने की जरूरत होती है, वर्तमान में अटैच डार्क सहायक ही मरीजों का एक्स-रे कर रहे थे। सीएमओ डॉ. पंकज राय ने बताया कि दो नए एक्स-रे टेक्नीशियन की तैनाती जल्द होगी। प्राथमिकता के तौर पर एक्स-रे टेक्नीशियन को संबंधित अस्पताल में तैनात किया जाएगा।
इसलिए जरूरी है एक्स-रे जांच
मऊ। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. हंसराज सोनी ने बताया कि फेफड़ों की स्थिति का सटीक आकलन करने के लिए छाती (चेस्ट) का एक्स-रे सबसे प्राथमिक और महत्वपूर्ण जांच है। टीबी के बैक्टीरिया (माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस) फेफड़ों में किस हद तक नुकसान पहुंचाया है, कैविटी (छेद) या संक्रमण कितना फैला है, इसकी सही जानकारी सिर्फ एक्स-रे से ही मिलती है। इलाज शुरू करने से पहले और ट्रीटमेंट के दौरान बीमारी की प्रगति पर नजर रखने के लिए डॉक्टर एक्स-रे रिपोर्ट को ही आधार बनाते हैं।