स्थानीय ब्लॉक के पिढवल गांव में कोटे की दूकान के लिये हुई खुली बैठक में भारी हंगामा हुआ। हंगामे के बाद पुलिस की मौजूदगी में किसी तरह से पात्र लोगों के नाम प्रस्ताव के लिये लिये जा सके। गांव के लोग कोटे की दूकान को आरक्षित बर्ग को देने की मांग कर रहे थे जब कि दूकान सामान्य वर्ग में है। सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान को लेकर पिढ़वल गांव में शुक्रवार को खुली बैठक बुलायी गयी थी। बैठक में एडीओ पंचायत अशोक पाण्डेय, ग्राम विकास अधिकारी राजन सिंह व ज्ञान प्रकाश पाण्डेय तथा प्रधान मुकेश गुप्ता की मौजूदगी में बैठक शुरू हुयी।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में गांव वाले इकठ्ठा हो गये। ग्रामीण सामान्य की जगह दूकान को विकलांग, सैनिक की विधवा को देने की मांग करने लगे। हंगामा की स्थिति की जानकारी पाकर कोतवाल विश्वजीतसिंह मय हमराही पहुंच कर लोगों को शांत किया। बैठक में 11 लोगों के नाम का प्रस्ताव आया।जिसमें एक विकलांग सरोज एक सैनिक की विधवा शैलकुमारी, विरायदव, इंद्रावती, मीरा राजभर के साथ 11 प्रस्ताव को लिया गया।
कोतवाल के समझाने बुझाने पर लोग शांत हुये।इसके बाद गांव वाले बड़ी संख्या में विधायक सुधाकर सिंह के कार्यालय पर आकर आरोप लगाया कि दूकान के चयन में घपला हो रही है।इस पर विधायक ने नायब तहसीलदार व कोतवाल को बुलाकर स्थिति से अवगत होने के बाद सही चयन होने का आश्वासन दिया। इस संबंध में एडीओ पंचायत अशोक पाण्डेय ने बताया कि गांव के प्रधान सामान्य वर्ग चुने गये थे इस लिये कोटे की दुकान भी सामान्य वर्ग से चयन होगा। अंतिम निर्णय एस डीएम करेंगे।