कटघरा महलू गांव में अंबेडकर प्रतिमा लगाए जाने के बाद उसे वहां से हटाती पुलिस।
बिना परमिशन के ही गांव सभा की सरकारी जमीन पर रातोरात डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति लगाकर एक समुदाय विशेष के कुछ लोगों ने माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। इसकी भनक लगते ही प्रशासन ने काफी मशक्कत से घंटों बाद प्रशासन मूर्ति को थाने उठा लाया।
तहसील मधुबन अंतर्गत कटघरा महलु ग्राम सभा स्थित है। इसी ग्राम सभा का एक पुरवा मटुरी हरिजन बस्ती भी है। इस ग्राम सभा में पावर हाउस के सौ कदम पश्चिम खलिहान की जमीन है। गुरुवार की रात लगभग डेढ़ बजे के बाद मटुरी के कुछ अनुसूचित जाति के लोगों ने एक चबूतरा बनाकर उस पर बाबा भीमराव अंबेडकर की मूर्ति का अनावरण कर दिया। शुक्रवार की सुबह लोगों ने पुलिस को दी।
कोतवाल योगेंद्र बहादुर सिंह ने पुलिस अधीक्षक को सूचित किया और मय फोर्स मौके पर पहुंचे। मौके पर तहसीलदार श्रीप्रकाश गुप्ता, उप जिलाधिकारी मिश्रीलाल भी पहुंच गए और डॉक्टर भीमराव की मूर्ति को अपने कब्जे में लेने का प्रयास किया। इसका दलित बस्ती के लोगों ने विरोध किया, इससे प्रशासन काफी देर तक इस प्रयास में सफल नहीं हो पाया। लगभग साढ़े दस बजे जब महिला पुलिस ने डंडा पटककर खदेड़ा।तब जाकर पुलिस अंबेडकर की मूर्ति को चबूतरे से उतारकर पिकप पर लादकर थाने उठा ले आई। उप जिलाधिकारी मिश्री लाल और उप जिलाधिकारी घोसी ने बताया कि किसी भी महापुरुष और मंदिर मस्जिद नया बनवाने के लिए जिलाधिकारी की अनुमति लेनी जरूरी होती है, लेकिन इन लोगों ने कोई आदेश नहीं लिया था।