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अमर उजाला लाइव: कमांडेंट होम गार्ड और सिंचाई विभाग का हाल:

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मऊ। शासन की हनक सरकारी बाबुओं और अफसरों पर नहीं दिखाई दे रही है। एक समय वह भी था जब वर्तमान भाजपा सरकार गठन के कुछ ही दिनों बाद अधिकारी अपने कक्षों में साढ़े नौ बजे और कर्मचारी दस बजे हर हाल में उपस्थित हो जाते थे। लेकिन उसी सरकार के शासन काल के तीन साल बीत जाने के बाद हालात बिलकुल उलट गए हैं। साहब और बाबू साढ़े दस से लेकर 11 बजे तक दफ्तर पहुंच ही नहीं रहे हैं। कुछ पहुंच भी रहे हैं वे अपनी सीटों पर न बैठकर गपशप अथवा पान खाने में समय पास कर रहे हैं। कुछ ऐसा ही नजारा सिंचाई विभाग में मंगलवार को दिखा।
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सिंचाई विभाग में आफिस कल्चर नहीं दिखा और कमांडेंट होमगार्ड कार्यालय कर्मचारियों की कमी से जूझता दिखा। चार चतुर्थ श्रेणी कर्मी लिपिकों का काम काज निपटाते दिखे। अपनी मुहिम के तहत अमर उजाला की टीम 10:05 बजे जिला कमांडेंट होमगार्ड कार्यालय पहुंची। टीम को देखते ही कुछ वर्दीधारी जवान और कुछ सिविल ड्रेस में चतुर्थ श्रेणी कर्मी आनन फानन मास्क पहनने लगे। 10:10 बजे कमांडेंट कक्ष में ताला बंद दिखा। 10:12 बजे कार्यालय कक्ष में ताला लटक रहा था। 10:14 ए टू डीसी कक्ष में ताला बंद रहा।
10:15 बजे एक कार्यालय में दो चतुर्थ श्रेणी कर्मी काम करते दिखे। इसके अलावा वरिष्ठ लिपिक कक्ष में दो कर्मी काम करते दिखे। कार्यलय कक्ष, चतुर्थ श्रेणी कक्ष, मुख्य स्टोर, शस्त्रागार, मिनी स्टोर, कमांडेंट कक्ष सभी में तला लगा था। कमांडेंट आफिस में पांच लिपिकों की स्वीकृति है लेकिन चार पद खाली पद रिक्त हैं। केवल एक महिला की पोस्टिंग है। आफिस का सारा काम बीए-एमए पास चतुर्थ श्रेणी कर्मी संभाल रहे हैं। सभी ब्लाक स्तर पर एक-एक बीओ की तैनाती है लेकिन एक भी बीओ आफिस में नहीं मिला।
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होमगार्ड के जिला कमांडेंट ओपी सिंह ने बताया कि आफिस में पांच लिपिकों के सापेक्ष केवल एक महिला कर्मी की नियुक्ति है। डीपी सहित उच्चाधिकारियों को लिपिकों की तैनाती के लिए पत्र लिखा है । चतुर्थ श्रेणी कर्मियों से क्लर्कों का काम लिया जा रहा है। बीओ को जवानों के एरियर बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। वे प्रत्येक थानों से जवानों का विवरण तैयार कर रहे हैं। जवानों का वर्ष 2016 से तब तक का एरियर बकाया है। मैं एक मृत जवान के घर उसके परिजनों से मिलने चला गया था इसलिए सुबह आफिस पहुंचने में देरी हुई है।
साथी पान खाने गए हैं आने दिजिए
मऊ। अमर उजाला टीम सुबह 10.30 बजे अधिशासी अभियंता सिंचाई के कार्यालय पहुंची। 10.32 बजे प्राविधक अनुभाग की सारी कुर्सियां खाली रहीं। खंडीय लेखाधिकारी काम करते दिखे।10.37 बजे एक्सईएन , सहायक अभियंता द्वितीय और तृतीय के कक्ष खाली थे। हिंदी अनुभाग खाली पड़ा था। कंप्यूटर कक्ष में ताला बंद मिला। टीम को देख आनन फानन अधिष्ठान अनुभाग में एक महिला कर्मी सहित दो कर्मचारी कुर्सियों पर बैठे। जिस समय टीम आफिस पहुंची तो एक भी कर्मचारी अपनी सीट पर नहीं था और न ही मास्क लगाए थे। कैमरा देखते ही कुछ कहने लगे, थोड़ा रुक जाइए कुर्सी पर बैठ जाएं। एक लिपिक ने कहा कि कुछ साथी पान खाने गए हैं जरा उन्हें आ जाने दीजिए।
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