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सीमेंट की जगह एल्युमीनियम शेड

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रेलवे स्टेशन पर बैठे यात्री - फोटो : अमर उजाला
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मऊ जंक्शन को अब हाइटेक बनाने की कवायद शुरु हो गई है। स्टेशन पर जर्जर शेडों को बदलने का काम शुरु कर दिया गया है। सीमेंटेड चद्दरों को हटाकर अब यहां एल्युमीनियम की चद्दरें लगाई जाएंगी। 10 लाख की लागत से होने वाला यह कार्य इसी माह पूरा हो कराने का लक्ष्य रखा गया है। ऐसा बरसात को देखते हुए किया जा रहा।
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 अब तक जर्जर शेड के चलते यात्री ट्रेनों का इंतजार करते समय भीग जाते थे। शेड बदल जाने से उन्हें इससे मुक्ति मिलेगी। बताते चले कि मऊ जंक्शन को अफसरों ने भले ही आर्दश श्रेणी का दर्जा दिया है मगर यहां पर यात्रियों को भरपूर सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। स्टेशन के प्लेटफार्म एक, दो और तीन पर लगे टीनशेड जर्जर हो चुके हैं, तो वहीं प्लेटफार्म चार पर अब भी टीनशेड लगाए जाने का कार्य शेष है। इससे बारिश के समय जर्जर टीनशेडों से पानी चूने से यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए शेड की जर्जर सीमेंटेड चद्दरों का बदलने का काम बीते कुछ दिनों से शुरु हो गया है। ठेकेदार ने मजदूरों को लगाकर सीमेंटेड चद्दरों को शेड से बाहर कराया।
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यह काम 10 लाख रुपये की लागत से होगा। इसे इस माह के आखिरी सप्ताह तक पूरा करना होगा। रेलवे सूत्रों की माने तो रेलवे स्टेशन के तीनों शेडों की जर्जर सीमेंटेड चद्दरों को बदलकर उनके स्थान पर एल्युमिनियम की नई चद्दरें लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अभी तक शेड की जर्जर चद्दरों के नीचे बरसात के दिनों में काफी पानी गिरता था। इससे शेड के नीचे खड़े यात्री भीग जाते थे। इसे लेकर कई बार डीआरएम समेत अन्य अफसरों से शिकायत की गई थी। इस बारे में आइओडब्लू एमपी पाठक ने बताया कि रेलवे के शेडों पर लगी जर्जर चद्दरों को बदलवाने का काम शुरु हो गया है। अब इसके स्थान पर नई चद्दरें लगाई जाएंगी।
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