मऊ जिले के कोपागंज ब्लाक के दर्पनारायणपुर गांव में बनाए गए शौचालयों का भौतिक सत्यापन करने के लिए शनिवार को मुख्य विकास अधिकारी राम सिंह वर्मा पहुंचे। इस दौरान उन्हे 11 में से सात शौचालय अपात्रों को आवंटित मिले। सीडीओ ने प्रधान और सचिव से सात शौचालयों की धनराशि रिकवरी करने का आदेश जारी किया।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत कोपागंज ब्लॉक के दर्पनारायण गांव में एनएलओबी योजना के तहत शौचालयों का निर्माण किया गया था। इसमें गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों को पात्र के रुप में चयन करना था। लेकिन प्रधान और सेक्रेटरी ने मनमाने तरीके से पात्रों का चयन कर शौचालयों का आवंटन किया। शुक्रवार को मुख्य विकास अधिकारी राम सिंह वर्मा ने दर्पनारायणपुर गांव पहुंचकर शौचालयों का निरीक्षण किया।
इस दौरान वहां बनाए गए 11 में से सात शौचालय अपात्रों को आवंटित होना पाया गया। इस दौरान शनिवार सीडीओ ने प्रधान और सचिव से शौचालय की धनराशि रिकवरी करने का आदेश जारी किया। जांच के दौरान गांव निवासी सूबेदार पुत्र दूधनाथ, गौरव कुमार यादव पुत्र केदार नाथ यादव, श्याम नारायण पुत्र स्व. दूधनाथ, चंद्रशेखर पुत्र शिवदत्त सिंह, कन्हैया पुत्र शिवदत्त सिंह, लल्लन सिंह पुत्र बासुदेव सिंह और मुसाफिर पुत्र लालू को गलत तरीके से शौचालयों का आवंटन किया गया था। सभी संपन्न है।
मुख्य विकास अधिकारी राम सिंह वर्मा का कहना है कि निरीक्षण के दौरान पाया गया कि एक शौचालय अपूर्ण है जबकि शेष छह शौचालय पूर्ण पाए गए, लेकिन एनएलओबी योजना के तहत ऐसे व्यक्ति को शौचालय का लाभ देना था, जो गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले हैं। जांच के दौरान सातों व्यक्ति पात्र नहीं मिले। ऐसे में प्रधान और सचिव से रिकवरी करने का आदेश जारी किया गया।