मुहम्मदाबाद गोहना तहसील परिसर में जाति प्रमाणपत्र जारी करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे लोगों ने प्रशासन पर तानाशाही और उत्पीड़न का आरोप लगाया है। सामान हटाने का प्रयास और शौचालय में ताला बंद करने की बात कही है।
इससे धरना पर बैठी महिलाओं और छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसे देखते हुए मुहम्मदाबाद गोहना नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि दीपक गुप्ता उर्फ डायमंड ने मौके पर पहुंचे और तहसील परिसर के सामने नगर पंचायत द्वारा निर्मित सामुदायिक शौचालय पर निशुल्क सेवा देने का आदेश जारी करवाया।
धरना को समर्थन देने के लिए गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्र नेता और सपा अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ उत्तर प्रदेश के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष शिवम गोंड भी धरना स्थल पर पहुंचे। संबोधित करते हुए कहा कि गोंड जाति के लोगों के साथ गंभीर अन्याय किया जा रहा है।
जाति प्रमाणपत्र न बनने के कारण समाज के लोगों को शिक्षा, छात्रवृत्ति और सरकारी योजनाओं का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। यह सीधे तौर पर गोंड समाज के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
शिवम गोंड ने कहा कि गोंड समाज अनुसूचित जनजाति में शामिल हैं, इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर प्रमाण पत्र जारी न किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। पप्पू गोंड ने बताया कि जनपद के पंचायत चुनाव में अनुसूचित जाति के 22 ग्राम प्रधान, 11 क्षेत्र पंचायत सदस्य और 189 ग्राम पंचायत सदस्य चुने गए हैं, बावजूद जाति प्रमाणपत्र जारी नहीं किया जा रहा है।
शौचालय में पानी आने की समस्या है, जिसे कर्मचारियों ने बंद कर दिया होगा। आज इसे खुलवाया जाएगा।
-अभिषेक गोस्वामी, उपजिलाधिकारी, मुहम्मदाबाद गोहना
छात्राएं बोलीं... प्रमाणपत्र जारी होने तक समाप्त नहीं होगा धरना
नीतू और अनुष्का ने बताया कि पूर्व में अनुसूचित जनजाति के लिए जारी प्रमाणपत्र पर उनका कृषि विभाग में कनिष्ठ सहायक पद पर चयन हुआ है। अभी डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन होना बाकी है। प्रशासन अपने ही द्वारा जारी प्रमाण पत्र को मानने से इनकार कर रहा है। ऐसे में वेरिफिकेशन के दौरान डॉक्यूमेंट निरस्त हो जाएगा और दोनों नौकरी से वंचित हो जाएगी। मुस्कान, संजना, राजन, शुभम, रोहित, कृपाल, आशुतोष, शिवम, कौशल, आर्यन, प्रभात ने कहा कि प्रमाणपत्र जारी होने तक हम अपना धरना समाप्त नहीं करेंगे।