घोसी। स्थानीय क्षेत्र के धरौली स्थित दी किसान सहकारी चीनी मिल में मंगलवार को किसानों ने गन्ना तौल में अनियमितता का आरोप लगाते हुए चीनी मिल प्रशासन के विरुद्ध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की जानकारी होने पर चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक शैलेंद्र आस्थाना ने अपने कार्यालय में बुलाकर किसानों की बातों को प्रमुखता से सुना। समाधान करने का आश्वासन देने पर मामला शांत हुआ। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि चीनी मिल प्रशासन किसानों के साथ दोहरा रवैया अपना रहा है।
एक तरफ चीनी मिल देर से शुरू होने के बावजूद समय से किसानों को पर्चियां वितरित नहीं की जा रही है। दो महीने से पर्ची के लिए गन्ना समिति और मिल का चक्कर लगा रहे हैं। बड़े किसान एक ट्राली ही गन्ने की आपूर्ति कर पाए हैं।
जबकि खेतों में कई बीघे गन्ना की फसलें पड़ी है। फिर भी किसानों को पर्चियां समय से वितरित नहीं की जा रही हैं। आए दिन चीनी मिल में खराबी के चलते मिल बंद हो जा रही है।
जिससे किसानों को गन्ना लेकर कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो हमलोग अपने गन्ना को खेतों में फूंकने के लिए बाध्य होंगे। चीनी मिल किसानों को अधिक गन्ना बोने के लिए प्रेरित कर किसानों से गन्ना बुआई कराया है और चीनी मिल में आपूर्ति व पेराई के नाम पर किसानों के साथ भेदभाव हो रहा है।
वहीं चीनी मिल नोटिस जारी कर मिल बंद करने की घोषणा कर दी है। इस संबंध में प्रधान प्रबंधक शैलेंद्र आस्थाना ने कहा कि नोटिस जारी करना एक नियमित प्रकिया है। क्षेत्र के गन्ना किसानों की गन्ना आपूर्ति के बाद चीनी मिल बंद होगी। किसान अपने गन्ना की आपूर्ति समय से करें।
प्रदर्शन करने वालों में नीरज कुमार, मनोज कुमार, राणा प्रताप राय, सीता सिंह, कमलाकांत उपाध्याय, मृत्युंजय सिंह, पूर्व ब्लाॅक प्रमुख विद्युत प्रकाश यादव आदि शामिल रहे।