मुहर्रम पर नगर के क्यारी टोला के इमाम चौक पर रखा ताजिया।
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मोहर्रम की नौवीं तारीख को ताजियादारों ने इमाम हुसैन की याद में गुरूवार को देर रात तक ताजिया का जुलूस निकाला। इससे पूर्व ताजियादारों ने नौहाख्वानी के बीच जमकर सीनाजनी की। या अली या हुसैन के नारों से शहर गूंज उठा। बच्चों और नौजवानों ने दहकते हुए अंगारे पर चलकर मातम किया। वहीं इमाम हुसैने के छह माह के बेटे अली असगर का झूला उठा तो उसे देख महिलाएं बिलख उठीं। नौवीं मोहर्रम पर ही शाम को ताजियों को इमाम चौकों पर जियारत के लिए रखा गया। जिहें शुक्रवार को यौमे आशूरा पर कर्बला में दफन किया जाएगा। जुलूस को देखते हुए नगर के नाकेे-नाके पर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे।
नौेवीं मोहर्रम का जुलूस नगर में रौजा बाजार, क्यारी टोला, मलिकटोला, घास बाजार, गोला बाजार और शाही कटरे के पास से निकली। इन स्थानों से निकले ताजिए के जुलूस के साथ अलग-अलग ताजियादार संगठन के लोगों शामिल रहे, जो नौहे और मातमी गीतों की धुनों पर सीनाजनी करते हुए चल रहे थे। जुलूस से पूर्व विभिन्न ताजियादार संगठनों से जुड़े सभी लोग एकत्र हुए। इसके बाद ताजियादारों का जुलूस नगर के मुख्य मार्ग की ओर बढ़ चला। जुलूस निकालने से पूर्व भी अधिकारियों ने औरंगाबाद, अल्लीपुर, शाही कटरा, संस्कृत पाठशाला, घास बाजार, गोला बाजार, क्यारी टोला, रौजा बाजार, काजी टोला और मलिक टोला जैसे स्थानों का दौरा कर सुरक्षा इंतजाम का निरीक्षण किया।
आठवीं मोहर्रम को मलिक टोला के सैयद तौकीर हसन के सहन से जनाबे अली अकबर का ताबूत निकाला गया। जिसमें अंजुमन बाबुल इल्म जाफरिया के अंजुमनों ने नौहाख्वानी के बीच सीनाजनी किया। जिसको सुन लोगों की आंखे नम हो गई। जुलूस अपने कदीमी रास्ते से होता हुआ इमामबाड़ा मालिक टोला में समाप्त हुआ। इस मौके पर मौलाना नआसिमुल हसन साहब ने तकरीर किया।
घोसी : नगर के बड़ागांव नीमतले स्थित अजाख़ाने अबुतालिब से बुधवार की रात में कर्बला के सबसे छोटे शहीद इमाम हुसैन के सुपुत्र हजरत अली असग़र की शहादत की याद में झूला व अलम का जुलूस निकाला गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अजादारों ने दहकते अंगारे पर मातम किया। अंजुमनों ने नौहख्वानी की। इस अवसर पर हाजी ग़जनफ़र अब्बास, साजिद हुसै, शाहिद हुसैन आदि शामिल रहे।