मऊ। धान की रोपाई के समय जनपद में राजकीय नलकूपों के संचालन की स्थिति बेहद खराब है। अधिकांश नलकूपों की नालियां जर्जर हाल में है। नाली क्षतिग्रस्त होने के चलते दूर वाले खेतों में पानी ही नहीं पहुंच पाता है। वहीं बिजली कटौती के चलते कम बिजली मिलने से रोपाई पर असर पड़ रहा है। जबकि सरकारी आंकड़ों में मात्र 11 राजकीय नलकूप खराब दिखाए गए हैं। इसके अलावा कई नलकूप मामूली रूप से खराब होने के चलते अनुपयोगी साबित हो रहे हैं। महकमे के आला अधिकारी बजट न होने का रोना रो रहे हैं।
सिंचाई व्यवस्था को चुस्त दुस्त करने के लिए शासन की ओर से जिले में 355 राजकीय नलकूप लगाए गए हैं। शासन प्रशासन की लचर कार्यप्रणाली के चलते किसानों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। महकमे की ओर से नलकूपों की स्थिति में सुधार के लिए गत वर्ष जिला योजना को 155.57 लाख का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था, लेकिन 15 लाख रुपये ही मिले। हालत यह है कि कम बजट मिलने से क्षतिग्रस्त नालियों की मरम्मत नहीं हो पा रही है। रोपाई का कार्य शुरू हो गया है। राजकीय नलकूूपों के संचालन की स्थिति बेहतर न होने से खेती किसानी भगवान भरोसे हो रहा है। तमाम नलकूपों के रख रखाव ठीक न होने तथा तथा नालियों के जर्जर हाल में रहने से किसानों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकारी आंकड़ों में पांच यांत्रिक खराबी तथा छह राजकीय नलकूप तकनीकी खामी सहित 11 खराब पड़े हैं। राजकीय नलकूूूपों की नालियां क्षतिग्रस्त होने के चलते दूर वाले खेतों में पानी पहुंच ही नहीं पाता है। इस संबंध में महेंद्र यादव, किसान नेता देवप्रकाश राय, जयप्रकाश राय, सूर्यभान यादव ने कहा कि राजकीय नलकपों की नालियां दशकों पूर्व बनी है। ऐसे में नालियों के पुनर्निर्माण तथा जर्जर उपकरणों को बदलने के लिए कई बार आला अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ भी हासिल नहीं हो सका है। इस बाबत अधिशासी अभियंता राजकीय नलकूप अच्युतानंद का कहना है कि मरम्मत कार्य चल रहा है। शीघ्र ही सिंचाई सुविधा को बहाल कर दी जाएगी। क्षतिग्रस्त नालियों की मरम्मत के लिए बजट की मांग की गई है। बजट मिलते ही मरम्मत कार्य करा दिया जाएगा।
रतनपुरा। रोपाई के समय क्षेत्र के दतौड़ा, अमर का पुरा, चकरा, नगवा, मानिकपुर में राजकीय नलकूप खराब पड़े हैं। इसके चलते रोपाई कार्य ठप है। शिकायत के बाद भी नलकूपों में आई तकनीकी खामी को दुरुस्त नहीं कराया जा सका है। इस संबंध मे ंरामाश्रय मौर्य, भगवान सिंह, जर्नादन यादव, श्रीप्रकाश मौर्य का कहना है कि रोपाई के समय नलकूपों के खराब रहने तथा नालियों के क्षतिग्रस्त होने के चलते खेती किसानी जैसे तैसे हो रही है। समस्या का अविलंब समाधान नहीं किया गया तो हम लोग चुप नहीं बैठेंगे।
कुसुम्हा। क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में अघोषित बिजली कटौती का क्रम जारी है। इसके चलते राजकीय नलकूप शो पीस बनकर रह गए हैं।18 घंटे के सापेक्ष किसी तरह छह घंटे ही बिजली मिल पा रही है। कम बिजली मिलने से सैकड़ों एकड़ धान की रोपाई बाधित है। इस संबंध में क्षेत्र के किसान जयप्रकाश राय, अनिल उपाध्याय, इंद्रदेव प्रजापति, सियाराम, प्रमोद, शामदत्त का कहना है कि नर्सरी तैयार हो गई है, लेकिन कम बिजली मिलने से रोपाई कार्य ठप है। विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे।