घोसी नगर पंचायत के बड़ागांव में रविवार की रात मदरसा हुसैनिया के पास कर्बला के सबसे छोटे शहीद हजरत अली असगर की याद में शब्बेदारी का आयोजन किया गया।
मोहल्ले के अंजुमनों के साथ कोपागंज, कुर्थीजाफरपुर और आजमगढ़ जिले के मुबारकपुर के अंजुमनों ने भी नौहा पढ़कर कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
तकरीर करते हुए मौलाना मोहम्मद आजम ने हजरत अली असगर के छह माह के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उन्हें दीन के लिए कुर्बानी देने वाला बताया। तकरीर के बाद नौहा व मातम का दौर शुरू हुआ। एक-एक कर अंजुमनों ने नौहा पढ़ा।
अंजुमन तंजीमल हुसैनी, अंजुमन मासूमियां कदीम, दस्तां-ए-मासूमिया, अंजुमन सज्जादिया, अंजुमन मासूमियां, अंजुमन हुसैनी मिशन, अंजुमन मासूमियां रजिस्टर्ड, अंजुमन इमामिया, अंजुमन कमरे बनी हाशिम मुबारकपुर, अंजुमन कुर्थीजाफरपुर और अंजुमन जाफरिया कोपागंज ने दर्द भरे नौहे पढ़े।
नौहा सुनकर वहां अजादारों की आंखें नम हो गईं। नौहा पढ़ने के बाद रात तीन बजे जुलूस ताल स्थित रौजा अब्बास अलमदार पर समाप्त हुआ। इस अवसर पर लुकमान हैदर उर्फ लड्डन, रिजवान, सईद हुसैन, मौलाना जाफर हुसैन, जावेद हुसैनी, गजनफर अब्बास, तफहीम हैदर, इफ्तेखार उर्फ मुन्ना, साजिद हुसैन, मौलाना नसीमुल हसन आदि सैकड़ों लोग मौजूद रहे।