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सड़कों पर दौड़ रही 149 अनफिट स्कूली वाहन, खतरे में हैं नौनिहाल:

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मऊ। शिक्षा सत्र का चौथा माह चल रहा है लेकिन स्कूली बच्चों की सुरक्षा के प्रति न तो परिवहन विभाग और न ही स्कूल प्रशासन गंभीर नजर आ रहा है। अभिभावकों से मोटी फीस वसूलने के बाद भी स्कूल संचालक उदासीनता बरत रहे हैं। अनफिट स्कूली वाहन सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। ऐसे में बच्चे जान जोखिम में लेकर सफर कर रहे हैं। कार्रवाई के नाम पर संबंधित विभाग की तरफ से खानापूर्ति कर इतिश्री कर दी जा रही है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार 149 अनफिट स्कूल वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। विभाग ने 130 स्कूल संचालकों को नोटिस जारी किया है जबकि स्कूल संचालक मानक के अनुरूप स्कूल बस चलाने का दावा कर रहे हैं। जिले में 542 निजी स्कूलों मेें लगभग 700 वाहन पंजीकृत हैं। आए दिन हादसों के बाद भी जिले में ओवरलोड स्कूली वाहनों पर लगाम नहीं लग पा रही है। इसके प्रति स्कूल प्रशासन से लेकर, अभिभावक सहित संबंधित विभागीय अधिकारी गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। स्कूली बसों में फर्स्ट एड बाक्स, पीने के पानी, आदि की सुविधाएं भी जरूरी हैं, जिसका कत्तई ध्यान नहीं रखा जा रहा है। अधिकारियों की मानें तो स्कूल बसों तथा वाहनों में अग्निशमन किट, फर्स्ट एड बॉक्स होने पर ही फिटनेस प्रमाणपत्र जारी किया जाता है। स्कूल वाहन चालकों का ड्राइविंग लाइसेंस न होने की स्थिति में सबसे पहले स्कूल प्रबंधक की जिम्मेदारी तय की गई है। विभागीय अभिलेखों में 367 स्कूल बसें तथा 333 छोटे वाहन स्टाफ को लाने के नाम पर पंजीकृत हैं। जबकि स्टाफ वाहनों पर ही बच्चों को ढोया जा रहा है। स्कूल वाहन के लिए केवल बसें ही मान्य हैं, बावजूद इसके टेंपो, मैजिक वैन और तमाम छोटे बड़े वाहन स्कूल वैन के नाम पर लगाए गए हैं। स्कूल का नाम, फोन नंबर आदि लिखे बिना ही कई स्कूली बसें चल रही हैं। हालांकि परिवहन विभाग ने 130 स्कूल संचालकों को नोटिस जारी किया है।
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