फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धन लेने के बाद भी शौचालय न बनवाने पर शिकंजा

विज्ञापन
विज्ञापन
मऊ। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में बनने वाले शौचालयों में अनियमितताओं का दौर समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा है। जिलाधिकारी की लगातार मानीटरिंग के बाद शौचालय निर्माण में शिथिलता अनियमितता कम नहीं हो रहे हैं। जिले के विभिन्न ग्रामीण इलाकों में कराए जा रहे शौचालय निर्माण में अनियमितता बरती गई हैं। शौचालय निर्माण में शिथिलता के आरोप में अब एक एडीओ पंचायत का वेतन रोका गया है। जबकि आठ एडीएम पंचायत के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। जिले के 90 ग्राम प्रधानों और 22 सेक्रेटरी को नोटिस दी गई है। 100 से अधिक बाकी बचे शौचालयों वाले गांवों के लिए 45 जनपद स्तरीय नोडल अधिकारियों को लगाया गया है। पंचायत स्तर पर भी नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है। जिला प्रशासन की तरफ से परदहां ब्लाक क्षेत्र के नौ ग्राम प्रधानों को नोटिस जारी की गई है।
विज्ञापन

जिले में कुल 675 ग्राम पंचायतें और 1462 गांव हैं। वर्तमान वित्तीय वर्ष में इन गांवों के लिए कुल150 000 शौचालयों का लक्ष्य था। इन सभी के लिए बजट गांवों को दो लाख 12 शौचालय निर्माण का लक्ष्य है। इस सभी के लिए धन उपलब्ध हो गया है। सभी चयनित लाभार्थियो के बैंक खातों में धन भेज दिया गया है। इनमें से एक लाख 48 हजार शौचालय बन गए हैं। दो हजार लाभार्थियों के खातों में धन भेजे जाने के बाद भी शौचालय निर्माण शुरु ही नहीं हुआ है। इनका कहना है कि उनके पास शौचालय बनवाने के लिए जमीन ही नहीं है। इसके अलावा एलओवी सर्वे में 56 हजार शौचालय बनने हैं।इनमें से 34 हजार बना दिए गए हैं। लाभार्थियों के बैंक खातों में रकम भेज दी गई है। कई लाभार्थी अनुदान पाने के बाद भी शौचालय निर्माण में उदासीनता बरत रहे हैं। रतनपुरा ब्लाक के 26 लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के लिए ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी ने पुलिस को तहरीर दे दी है।
संजय मिश्र, डीपीआरओ, मऊ का कहना है कि शासन की मंशा क अनुरूप हर गरीब परिवार को शौचालय बनवाना है। कोई भी घर बाकी नहीं बचेगा। शिथिलता बरतने वाले ग्राम प्रधान, सेक्रेटरी और एडीओ पंचायत के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें